महर्षि वेदव्यास ने की पुराणों की रचना तो भगवान गणेश को दी लिखने की जिम्मेदारी, पढ़ें, यह जानकारीपरख लेख–
बदरीनाथ: भगवान गणेश रिद्धि-सिद्धि के दाता हैं, वे मंगलकर्ता हैं। लेकिन वे एक राइटर भी हैं। महर्षि वेद व्यास जी महाराज के अनुरोध पर भगवान गणेश ने पुराणों और महाभारत का लेखन किया था। पुराणों और महाभारत को लिपिबद्ध करने का काम भगवान गणेश ने चमोली जनपद के उच्च हिमालय क्षेत्र की गोद में बसे भारत के प्रथम गांव माणा में किया था। कलकल बहती अलकनंदा और सरस्वती नदी के संगम पर माणा गांव स्थित है।
यहां आज भी प्राचीन व्यास और गणेश गुफा मौजूद है। यहां ग्रीष्मकाल में हजारों श्रद्धालुगण दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। पुराणों में कहा गया है कि द्वापर युग में वेद व्यास ने वेद और महाभारत की रचना की थी। बदरीनाथ के पूर्व धर्माधिकारी और शास्त्रों के ज्ञाता पंडित आचार्य भुवन चंद्र उनियाल कहते हैं कि पुराणों और महाभारत को लिपिबद्ध करने का जिम्मा वेद व्यास ने भगवान गणेश को सौंपा था।
गणेश जी ने कहा कि मैं महाभारत और पुराण लिख तो दूंगा लेकिन शर्त यह है कि बिना रुके कथा सुनानी होगी। अगर मेरी लेखनी रुक गई तो मैं लेखन का कार्य छोड़ दूंगा। माणा गांव में जिन गुफाओं में पुराण और महाभारत का वाचन और लेखन हुआ था वे गुफाएं आज भी यहां मौजूद हैं। गणेश गुफा में भगवान गणेश के साथ ही शिवलिंग स्थित है।


