आराध्य देवता कर्माजीत की पूजा-अर्चना के बाद हो रहा पांडव नृत्य का आयोजन, पांडवों को दिए वचन को आज भी निभा रहे ग्रामीण–
चंद्रापुरी: रुद्रप्रयाग जनपद के पिल्लु गांव में इन दिनों पांडव नृत्य की धूम मची है। इस कौथिग में शामिल होने के लिए स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही प्रवासी श्रद्धालु भी अपने गांव पहुंचे हुए हैं। जिससे गांव में चहल-पहल बनीं हुई है। पांच नवंबर को गांव के आराध्य देव कर्माजीत के मंदिर में रखे पांडवों के अस्त्र-शस्त्र (बाण) को पूजा-अर्चना के लिए बाहर निकाला गया।

रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद में पांडव नृत्य का आयोजन होता है। पुराणों में कहा गया है कि जब महाभारत युद्ध के बाद अपने परिजनों की हत्या करने के बाद पांडव परिवार इसका प्रायश्चित करने के बाद हिमालय की ओर आए थे। बताते हैं कि पांडव हिमालय क्षेत्र से ही स्वर्ग शिधार गए थे। इससे पहले उन्होंने रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद के लोगों को अपने अस्त्र-शस्त्रों की नियमित पूजा-अर्चना करने का वचन लिया था।

आज भी जनपद के ग्रामीण पांडव परिवार को दिए वचन का निर्वहन करते आ रहे हैं। पिल्लू गांव में चल रहे पांडव नृत्य आयोजन में युधिष्ठिर के पश्वा कुलदीप राणा, भीम के पश्वा प्रमोद राणा, अर्जुन के पश्वा बलवीर राणा, नकुल के पश्वा विजयपाल, सहदेव के पश्वाशिवराज सिंह, द्रोपदी के पश्वा शमशेर सिंह, धृष्टधुम्न के पश्वा देवेंद्र नेगी, तिलवुल के पश्वा रामचंद्र, वर्वरीक के पश्वा विक्रम सिंह, श्री कृष्ण भगवान के पश्वा सार्थक, वाला विनायक के पश्वा जितेंद्र रावत, माल फुलारी के पश्वा रमेश राणा, नागार्जुन के पश्वा हिम्मत नेगी और हनुमान के पश्वा राम सिंह बिष्ट बेहतर अभिनय कर रहे हैं।
इस मौके पर ग्राम प्रधान श्रीमती लता भट्ट, पांडव नृत्य लीला निर्देशक संग्राम सिंह, पांडव लीला अध्यक्ष रघुवीर सिंह, मंच संचालन मदन सिंह राणा (सेवानिवृत प्रधानाचार्य) के साथ ही गांव के नव युवक मंगल दल और महिला मंगल दल, मातृ शक्ति एवं वयोवृद्ध वरिष्ठजन सहायोग दे रहे हैं।


