मां के मंदिर में किया रात्रि जागरण, मां को अर्पित की चुनरी और श्रृंगार सामग्री, अत्रिमुनि आश्रम भी पहुंचे भक्तगण–
गोपेश्वर। प्रतिवर्ष दत्तात्रेय जयंती पर आयोजित होने वाले दो दिवसीय अनसूया मेले का समापन हो गया है। मंगलवार को मंदिर में करीब 400 दंपत्ति संतान कामना लेकर पहुंचे। मां अनसूया के दर्शनों को 15 हजार से अधिक भक्तगण मंदिर में पहुंचे हुए थे। अपनी बहन अनसूया से मिलने के बाद कठूड़, खल्ला, देवलधार और सगर की मां भगवती की डोलियां भी अपने-अपने क्षेत्र के लिए विदा हुई।
इस दौरान देवताओं के विदाई पर श्रद्धालु भी भावुक हो उठे। ध्याणियों ने अपने देव डोलियों के दर्शन कर परिवार की कुशलता की मनौकामना मांगी। सोमवार को देर शाम विभिन्न गांवों से मां भगवती की डोलियां अनसूया मंदिर पहुंची। यहां डोलियों ने एक-एक कर मंदिर की परिक्रमा की और मंदिर के मंडप में स्थापित हो गई। रात नौ बजे निसंतान महिलाओं को देव डोलियों के साथ रात्रि जागरण के लिए बैठाया गया। रातभर महिलाओं ने रात्रि जागरण किया। मंगलवार को सुबह नौ बजे मां अनसूया के साथ ही अन्य देव डोलियों की विशेष पूजाएं संपन्न हुई।

इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत, पूर्व प्रमुख भगत सिंह बिष्ट, हीरा राणा, ब्रिजेश सिंह, सुदर्शन तोपाल, सुरेंद्र बिष्ट, दिनेश सेमवाल, जगमोहन, महावीर रावत आदि मौजूद रहे। मां अनसूया से मिलने के बाद श्रद्धालुगण भी देर शाम तक अपने-अपने घरों को पहुंचे।


