मंदिर में विधि-विधान से श्रीमद देवी भागवत कथा हुई शुरू, ध्याणियों ने मां को अर्पित की श्रृंगार सामग्री–
गोपेश्वर (चमोली):कठूड़ गांव के साथ ही बमियाला, दोगड़ी, कांडई, गैर, टंगसा, शिणजी, सिरों गांव की आराध्य देवी मां ज्वाला की डोली 24 दिसंबर को अनसूया मंदिर में अपनी बहन अनसूया से मिलने के बाद दिवारा भ्रमण पर चले गई थी। करीब डेढ़ माह तक अपने भक्तों के यहां निवास करने के बाद शनिवार को मां की डोली अपने मंदिर परिसर में पहुंची। इसके साथ ही मंदिर में यज्ञ, अनुष्ठान के साथ श्रीमद देवी भागवत कथा भी शुरू हो गई है। इस दौरान मां ज्वाला की डोली ने अपने भक्तों को दर्शन दिए। बीते वर्ष 24 दिसंबर को अनसूया मंदिर के दर्शनों के बाद मां ज्वाला की डोली गांव-गांव के भ्रमण पर चले गई थी। श्रीमद देवी भागवत कथा का प्रवचन कर रहे कथावाचक आचार्य प्रशांत डिमरी ने प्रथम दिवस देवी मां का महातम्य, देवी के कथा श्रवण की विधि, नियम, फल और देवी के विभिन्न रुपों के बारे में बताया।

इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष विक्रम सिंह बिष्ट, सचिव लखपत कनवासी, महिला मंगल दल की अध्यक्ष ऊषा कनवासी, युवक मंगल दल अध्यक्ष विजेंद्र कनवासी, सुनील नाथन बिष्ट, वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। सामाजिक कार्यकर्ता सुनीलनाथन ने बताया कि 18 फरवरी को भव्य जलयात्रा का आयोजन होगा और 19 को पूर्णाहूति श्री संवाद के बाद मां ज्वाला देवी का अपने मंदिर के गर्भगृह के लिए प्रस्थान होगा।



