मंदिर में नौ दिनों से चल रहा श्रीमद भागवत कथा का आयोजन संपन्न, दो महिने मां के साथ रहे भक्तों की आंखें हुई नम–
गोपेश्वर:कठूड़ की आराध्य देवी मां ज्वाला दो माह बाद अपने मंदिर में विराजमान हो गई है। अपनी मां को मंदिर में विराजमान करते वक्त भक्तों की आंखें नम हो गई। ढोल दमाऊं की थाप पर मां की डोली अपने स्थान से उठी और मंदिर की परिक्रमा की, अपने भक्तों को आशीर्वाद, दर्शन दिया और अपने मंदिर में विराजमान हो गई है। मां की दिवारा यात्रा करीब पांच साल बाद आयोजित हुई थी। अपनी मां की डोली की एक झलक पाने को भक्तगण बेहाल दिखे। भक्तों ने मां से अपने परिवार की कुशलता की कामना की। जो गांव से बाहर नौकरी पर गए हैं, उनकी कुशलता की कामना भी की।

10 फरवरी से नौ दिनों तक कठूड़ गांव में भजन कीर्तन का शोर भी अब थम गया है। श्रीमद भागवत कथा का प्रवचन कर रहे आचार्य प्रशांत डिमरी ने कहा कि मां भगवती की कृपा अपरंपार है। मां अपने भक्तों की हर वक्त रक्षा करतीं हैं। भक्तों को सदमार्ग की प्राप्ति होती है। भक्त जब कष्ट में होते हैं तो वे मां को पुकारते हैं और मां अपने भक्त की रक्षा के लिए प्रकट होती है। उन्होंने नित्य मां की अराधना करने का आह्वान किया।
भक्तों ने मां ज्वाला से विदा ली और भागवत कथा के साथ ही यज्ञ, अनुष्ठान संपन्न हो गया है। मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन भी भक्तों की ओर से किया गया। भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। 24 दिसंबर को अनसूया मंदिर के दर्शनों के बाद मां ज्वाला की डोली गांव-गांव के भ्रमण पर चले गई थी।
इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष विक्रम सिंह बिष्ट, सचिव लखपत कनवासी, महिला मंगल दल की अध्यक्ष ऊषा कनवासी, युवक मंगल दल अध्यक्ष विजेंद्र कनवासी, सुनील नाथन बिष्ट, वीरेंद्र सिंह के साथ ही कई भक्तगण यहां मौजूद रहे।


