नंदानगर में आयोजित हो रही श्रीमद भागवत कथा, कथावाचक आचार्य शंभू प्रसाद पांडे ने भगवान और भक्त के बीच संबंध का किया वर्णन–
नंदानगर (चमोली): नंदानगर में चल रही श्रीमद्भागवत पुराण कथा के चौथे दिन रविवार को व्यास पीठ से भगवान और भक्त की कथाओं का व्याख्यान किया गया। प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य शंभू प्रसाद पांडे ने विभिन्न कथाओं के माध्यम से भक्त और भगवान के बीच संबंधों को बताया। उन्होंने भगवान और भक्त की कथाओं का विस्तार से वर्णन किया। जिसमें विशेष कर गजराज और ग्राह, प्रहलाद और श्री हरि सुदामा और कृष्णा शबरी और राम सहित दर्जनों भक्तों की कहानियों का वर्णन सुनाया गया।
कहा कि भगवान सदेव अपने भक्तों के लिए दिन रात तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा भगवान कहते हैं जो भी भक्त मुझ से मुझको ही मांगता है, उसको मैं अवश्य पूर्ण करता हूं। भागवत कथा में अनेक ऐसे वृतांत हैं, जिनमें भगवान और भक्त के बीच परम मैत्री का वर्णन है, इसलिए कहा गया है जो भी मनुष्य भागवत कथा का श्रवण करता है या कराता है, उसको बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। पुराणों में लिखा गया है-पिबत भागवतं रसमालयं।
मुख्य यजमान कुंवर सिंह और बुदली देवी द्वारा क्षेत्र में सद्भाव, आपस में प्रेमता एवं शांति के लिए भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। व्यास पीठ से भक्तों के लिए कीर्तन भजन भी गए जा रहे हैं। देश विदेश में एवं भारत के अंतर्गत गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन कर चुके आचार्य शंभू प्रसाद पांडे के मुख से कथा को सुनने के लिए सैकड़ो भक्तगण पहुंच रहे हैं। उनकी मधुर वाणी से समस्त नंदा नगर अभिभूत हो रहा है।


