नदी में मत्स्य पालन को मिला बल, डीसीएफआर भीमताल व जिला मत्स्य विभाग के सहयोग से आयोजित किया कार्यक्रम–
पीपलकोटी, 24 मार्च 2025: टीएचडीसी विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की ओर से मत्स्य प्रबंधन योजना के अंतर्गत डीसीएफआरभीमताल तथा जिला मत्स्य विभाग के सहयोग से बिरही गंगा में दो दिवसीय फिश रेंचिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय समुदाय को जागरूक करने और सतत मत्स्य पालन प्रथाओं को अपनाने पर बल दिया गया। अलकनंदा नदी में किए गए अध्ययन दर्शाते हैं कि निर्माण परियोजनाओं, प्रदूषण, एवं जल प्रवाह में परिवर्तन के कारण मछली आबादी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इससे कई मछली प्रजातियां विलुप्ति के कगार पर हैं।
स्थानीय मछुआरों एवं चमोली जिले के निवासियों की सक्रिय भागीदारी इस कार्यक्रम की सफलता में अहम रही। यह आयोजन न केवल पारिस्थितिक असंतुलन को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था, बल्कि जल संसाधनों की सुरक्षा हेतु सरकारी एजेंसियों, शोध संस्थानों एवं स्थानीय समुदायों के बीच सहयोग को भी प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में परियोजना के महाप्रबंधक जितेंद्र सिंह बिष्ट ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगो का धन्यवाद देते हुए पर्यावरण संरक्षण तथा मत्स्य संरक्षण में सहयोग देने की अपील की, कार्यक्रम में ही महाप्रबंधक के पी सिंह द्वारा भी मत्स्य प्रबंधन के लिए आगे आने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में डीसीएफआरभीमताल से डा सुरेश चंद्र, रितेश चंद्र सहायक निदेशक जिला मत्स्य विभाग चमोली भगवती प्रसाद कपटियाल श्री नरेंद्र चौहान तथा देवेंद्र बुटोला धीरज मुकेश कुमार तथा सौरभ हटवाल सहित स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।


