भालू और गुलदार के हमलों की रोकथाम के लिए ठोस योजना बनाने की मांग उठाई, कहा पहाड़ में बना वन्यजीवों का भय–
देहरादून, 06 दिसंबर, 2025: चमोली जनपद की नव निर्वाचित ग्राम प्रधान संगठन की जिलाध्यक्ष योगिता रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को सीमांत जनपद चमोली में वन्यजीवों के हमलों से अवगत कराया और वन्यजीवों के हमलों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की मांग उठाई। उन्होंने जनपद की कई अन्य समस्याओं से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने जिलाध्यक्ष को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। जिलाध्यक्ष ने सीएम को अवगत कराया कि पहाड़ के गांवों में शाम ढलते ही भय का माहौल बना हुआ है। लोग शाम ढलते ही घरों में दुबक रहे हैं। गुलदार, भालू के हमलों के चलते बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। साथ ही इन दिनों शादी विवाह का सीजन होने से भी लोग जंगली जानवरों के हमलों के कारण घरों से निकलने में बच रहे हैं। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीण खेतों व घरों के आसपास भी स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।

योगिता रावत ने मुख्यमंत्री से जंगली जानवरों के मानव बस्तियों में प्रवेश को रोकने हेतु वन विभाग को त्वरित और प्रभावी निर्देश दिए जाने, ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय और रेस्क्यू व्यवस्था मजबूत करने, हमलों में घायल व्यक्तियों को समुचित चिकित्सा सहायता एवं आर्थिक मदद उपलब्ध करवाने, मृतकों के परिजनों को न्यायसंगत मुआवजा प्रदान करने तथा भविष्य की सुरक्षा योजना में पंचायतों की अहम भूमिका को शामिल कर जंगलों में फलदार पौध लगाने, सायरन लगाने, सुरक्षा के अन्य उपाय करने की मांग मुख्यमंत्री से की है।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली जानवरों के आतंक ने ग्रामवासियों के सामान्य जीवन को प्रभावित कर दिया है, और सरकार के हस्तक्षेप के बिना स्थिति में सुधार संभव नहीं है। गांवों में लोग अब राज्य सरकार से शीघ्र प्रभावी कार्यवाही की उम्मीद लगाए बैठे हैं। इधर, सीमांत जनपद चमोली के प्रधानों के जिला मुख्यालय में विकास कार्यों को आने पर सरकारी अतिथि गृह में न्यूनतम शुल्क पर ठहरने की सुविधा मुहैया कराने तथा जिला मुख्यालय में प्रधान संगठन भवन निर्माण की मांग की है। साथ ही प्रधानों की अन्य लंबित मांगों पर भी कार्रवाई की मांग की है।
कहा कि सीमांत चमोली जनपद में पथ प्रकाश की व्यवस्था, ग्रामीण पैदल रास्तों से झाड़ी कटान और वन विभाग की लंबी दूरी की गश्त बढ़ाई जाए, जिससे लोगों को राहत मिल सके।


