चमोली: भालू और गुलदार के आतंक से मु​क्ति दिलाने के लिए उक्रांद कार्यकर्ताओं ने की केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के कार्यालय में तालाबंदी–

by | Dec 15, 2025 | आंदोलन, चमोली | 0 comments

सड़क से लेकर कार्यालय तक किया प्रदर्शन, जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी दी–

गोपेश्वर, 15 दिसंबर 2025: भालू और गुलदार से छुटकारा दिलाने की मांग पर सोमवार को उक्रांद कार्यकर्ताओं ने गोपेश्वर में और सरपंच संगठन ने जोशीमठ में प्रदर्शन किया। गोपेश्वर में उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने केदारनाथ वन प्रभाग के कार्यालय में तालाबंदी की और नारेबाजी की। कार्यकर्ता साढ़े ग्यारह बजे केदारनाथा वन्यजीव प्रभाग के कार्यालय में जुलूस लेकर पहुंचे। उन्होंने यहां डीएफओ का घेराव किया। करीब आधा घंटे तक नारेबाजी करने के बाद उन्होंने डीएफओ सहित अन्य पटलों के दरवाजों पर तालाबंदी की और धरना दिया।

उक्रांद जिलाध्यक्ष युद्धवीर सिंह नेगी ने कहा कि चमोली जनपद में भालू और गुलदार की दहशत बनीं हुई है। वन विभाग जंगली जानवरों से जनता को बचाने में नाकाम हो रहा है। विभाग सिर्फ पटाखे जलाने तक सीमित है। उन्होंने वन्यजीवों को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने और मानव-वन्यजीव संघर्ष से निजात दिलाने की मांग उठाई।

पूर्व केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सिंह सजवाण ने कहा कि कुछ महिनों में ही भालू के हमले में चार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि कई लोग घायल हो गए हैं। चेतावनी दी गई कि शीघ्र वन्यजीवों की दहशत कम नहीं हुई तो आंदोलन तेज कर लिया जाएगा। जिला महामंत्री सुबोध बिष्ट ने कहा कि आजकल गांवों के हालात यह हो गए हैं कि जंगल न जाने के कारण ग्रामीणों का चूल्हा तक जलना मुश्किल हो गया है।

नगर अध्यक्ष गोपेश्वर अशोक बिष्ट ने कहा कि जनता लगातार इन जंगली जानवरों के हमलों से परेशान है पर दुर्भाग्य है कि विभाग के अभी भी इनसे निपटने की कोई ठोस रणनीति नहीं है।

धरना प्रदर्शन में उक्रांद के जिला कार्यकारी अध्यक्ष पंकज पुरोहित, जिला महामंत्री सुबोध बिष्ट, नगर अध्यक्ष अशोक बिष्ट, दीपक राणा, दुर्लप सिंह पडियार, पुष्पा झिंक्वाण, दीपक फरस्वाण, पूरण सिंह, कुंवर दानू, देवेंद्र फरस्वाण, विक्रम रावत के साथ ही कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। इधर, जोशीमठ में सरपंच संगठन के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन कर नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क में धरना दिया। उन्होंने पार्क के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

वन सरपंच संगठन के जिलाध्यक्ष कैलाश चंद्र खंडूरी और लाता के सरपंच धमेंद्र राणा ने कहा कि जंगली सुअर, भालू और गुलदार लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। मानव-वन्यजीव संघर्ष के कारण कई परिवारों को नुकसान झेलना पड़ा है। लंगूर और बंदर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस मौके पर संग्राम सिंह, वीपी सती, अतुल सती, भरत सिंह कुंवर, किरन डिमरी, देवकी देवी, रश्मि देवी के साथ ही बड़ी संख्या में मातृश​क्ति मौजूद रही।

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