सनातन संस्कृति: प्राचीन साणेश्वर मंदिर के दर्शनों को पहुंचे जिला​धिकारी प्रतीक जैन, कहा यहां की आवोहवा पवित्र–

by | Jan 30, 2026 | प्रशासन, ब्रेकिंग, रूद्रप्रयाग | 0 comments

साणेश्वर भगवान के दर्शनों के बाद मंदिर समूह का किया निरीक्षण, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संदेश भी सुनाया–

अगस्त्यमुनि, 30 जनवरी 2026: जिला​धिकारी प्रतीक जैन शुक्रवार को प्राचीन साणेश्वर महाराज मंदिर में चल रहे नौ दिवसीय यज्ञ व कथा में शामिल हुए। उन्होंने मंदिर के दर्शन और मंदिर समूह का निरीक्षण भी किया। जिला​धिकारी ने कहा कि इस प्राचीन स्थल पर आकर सुकून मिल रहा है। इस क्षेत्र की आवोहवा भी पवित्र है। सिल्लेश्वर महादेव का पारंपरिक रूप से जलाभिषेक कर विधिविधान से पूजा-अर्चना की तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। तत्पश्चात मंदिर समिति द्वारा जिलाधिकारी का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया। जिला प्रशासन की तरफ से इस पौरा​णिक स्थल को पर्यटन से जोड़ा जाएगा।

जिला​धिकारी प्रतीक जैन अपराह्न में करीब एक बजे मंदिर में पहुंचे। उनके साथ मुख्य विकास अ​धिकारी, अपर जिला​धिकारी और खंड विकास ​अ​धिकारी भी पहुंचे थे। जिला​धिकारी ने मंदिर में कुछ देर भागवत कथा भी सुनीं। उन्होंने मंदिर समूह परिसर का निरीक्षण किया। मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद पुरोहित ने जिलाधिकारी को मंदिर की पौराणिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराया गया। इस पर जिलाधिकारी ने क्षेत्र की आध्यात्मिक महत्ता को देखते हुए इस मंदिर क्षेत्र को शीतकालीन यात्रा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि इस पौराणिक धरोहर को व्यापक स्तर पर पहचान मिल सके।

जिला​धिकारी ने कहा कि यह साणेश्वर भगवान की ही कृपा है कि इस क्षेत्र की आवोहवा पवित्र है। जिला प्रशासन की तरफ से इस पौरा​णिक स्थल को पर्यटन से जोड़ा जाएगा। यहां पूर्व में जिला योजना और मनरेगा से कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री घोषणा में यहां के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। मुख्यमंत्री द्वारा जिला प्रशासन को भी इस संपूर्ण क्षेत्र में आवश्यक विकास कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एक बार फिर से मंदिर समूह का निरीक्षण किया जाएगा।

डीएम ने कहा कि मंदिर में उच्च दर्जे का सौंदर्यीकरण कार्य किया जाएगा। पुरातत्व विभाग के अ​धिकारियों के साथ बैठक कर मंदिर की पौरा​णिकता को यथावत रखते हुए सौंदर्यीकरण व रख-रखाव के काम किए जाएंगे। जिला​धिकारी ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन करने पहुंचते हैं। धाम में अ​धिक रस होने के दौरान श्रद्धालुओं को ऐसे प्राचीन मंदिरों तक पहुंचाएंगे। इस मौके पर मंदिर समिति से जुड़े पदा​धिकारी व श्रद्धालु मौजूद रहे।

error: Content is protected !!