–आपदा में टूटा विद्यालय भवन आज तक नहीं बना, महिला ने स्कूल चलाने के लिए दे दिया अपना मकान–
चमोलीः चमोली जनपद में शिक्षा विभाग की अनदेखी आने वाले भविष्य पर भारी पड़ रही है। बच्चे खुले आसमान के नीचे अक्षर ज्ञान ले रहे हैं। इस तरफ देखने वाला कोई नहीं है। यह स्थिति चमोली जनपद के नंदानगर घाट ब्लॉक के दूरस्था राजकीय प्राथमिक विद्यालय ग्वाड़-रामणी की है। यहां एक साल पहले आपदा से विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बताने के बावजूद आज तक विद्यालय भवन के निर्माण की योजना तक नहीं बन पाई है। स्थिति यह है कि गांव की कुकरी देवी ने अपने मकान को ही विद्यालय संचालन के लिए दे दिया। पिछले एक साल से कुकरी देवी के मकान पर ही विद्यालय संचालित हो रहा है। बच्चों की चौक में स्कूल लगती है। इस विद्यालय में छात्र संख्या भी 40 है और दो शिक्षकों की तैनाती है। लेकिन, बच्चे सरकारी अधिकारियों की उदासीनता का दंश झेल रहे हैं।
रामणी गांव के ग्राम प्रधान सूरज पंवार का कहना है कि कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विद्यालय भवन के सुधारीकरण की मांग की गई। लेकिन इस तरफ किसी का भी ध्यान नहीं जा रहा है। पूछे जाने पर मुख्य शिक्षा अधिकारी कुलदीप गैरोला ने कहा कि इस बार के प्लान में इस विद्यालय को शामिल किया जाएगा। विद्यालय की रिपोर्ट मांगी जाएगी। विद्यालय भवन का सुधारीकरण कार्य कर लिया जाएगा।


