चमोलीः सैंजी लग्गा मैकोट-बैमरु सड़क निर्माण से नाखुश डुमक गांव के साथ ही विभिन्न संघर्ष समिति से जुड़े प्रतिनिधियों ने आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है. आक्रोश जताया गया कि जब ग्रामीणों की सहमति ही नहीं है तो पीएमजीएसवाई विभाग सड़क का समरेखण बदलकर भूस्खलन क्षेत्र से सड़क का निर्माण क्यों कर रहा है और डुमक गांव को सड़क से क्यों वंचित रखा जा रहा है. उन्होंने पीएमजीएसवाई के अधिकारियों पर करोड़ों की वित्तीय अनियमितता का आरोप भी लगाया है, कहा गया कि वित्तीय घोटाले को छिपाने के लिए अब भूस्खलन क्षेत्र से सड़क का निर्माण किया जा रहा है.
डुमक संघर्ष समिति, मठ-झड़ेता संघर्ष समिति और उत्तरी अलकनंदा संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने पत्रकार वार्ता कर कहा कि सैंजी लग्गा मैकोट-बैमरु (29.43 किमी) सड़क का निर्माण कार्य वर्ष 2007-08 में शुरू हुआ था। अभी तक भी सड़क आधी-अधूरी निर्मित है। सड़क पर मानक के अनुसार हिल कटिंग भी नहीं हुई है।
डुमक संघर्ष समिति के समन्वयक प्रेम सिंह सनवाल, बहादुर सिंह रावत, मोहन सिंह रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह नेगी, यशवंत सिंह, मोहन सिंह सनवाल, मनीष, ज्ञान सिंह और राम किशोर भंडारी ने कहा कि आधी-अधूरी निर्मित सड़क पर ही पीएमजीएसवाई की ओर से डामरीकरण किया जा रहा था, जिसे बैमरु के समीप रोक लिया गया है। कहा गया कि किमी 18 से 23 किमी तक चट्टानी भाग है, लिहाजा पीएमजीएसवाई चट्टान काटने के बजाय भूस्खलन क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य कर रहा है।


