आस्थाः तुंगनाथ भगवान के गद्दीस्थल मक्कूमठ में 18 साल बाद शुरू हुआ महायज्ञ–

by | Apr 22, 2022 | आस्था, रूद्रप्रयाग | 0 comments

 11 दिवसीय महायत्र में दी जाएंगी लाखों मंत्रों की आहुतियां, मर्कटेश्वर मंदिर में हो रहा आयोजन–

 ऊखीमठः तृतीय केदार तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में शुक्रवार से ग्यारह दिवसीय महायज्ञ शुरू हो गया है. पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर मंत्रोच्चारण के साथ विधि-विधान से महायज्ञ शुरू हुआ. यह महायज्ञ 18 वर्षों के बाद आयोजित हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भी इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर उत्साह, आस्था और उमंग का माहौल है. महायज्ञ में शामिल होने के लिए कई क्षेत्रीय प्रवासी श्रद्घालुगण भी अपने घरों को पहुंच गए हैं. महायज्ञ में मानव कल्याण के लिए प्रतिदिन 72 हक-हकूकधारी आहुतियां डालेंगे. तुंगनाथ भगवान के इस अनुष्ठान में तीसजूला के खदेड़ पट्टी सहित तुंगनाथ घाटी के 56 गूठ गांव के भक्त शामिल होंगे.

मठाधिपति राम प्रसाद मैठाणी, आचार्य लंबोदर प्रसाद मैठाणी, दिवारा यात्रा समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मैठाणी ने बताया कि नौवीं सदी में आदिगुरु शंकराचार्य के समय में चांदपुर गढ़ी के राजा चंद्रभान ने मक्कू के मैठाणी संप्रदाय के लोगों को तृतीय केदार तुंगनाथ की पूजा-अर्चना का अधिकार सौंपा था. बताया गया कि महायज्ञ विधि-विधान से शुरू हो गया है. बीते वर्षों तक तुंगनाथ भगवान अपनी दिवारा यात्रा पर रहे. यात्रा गूठ गांव और खदेड़ पट्टी के गांवों में आयोजित हुई. तब भगवान तुंगनाथ ने अपने भक्तों को महायज्ञ में शामिल होने का न्यौता भी दिया था। महायज्ञ को लेकर मक्कूमठ के साथ ही आसपास के गांवों के भक्तगणों में भी उत्साह बना हुआ है. 

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