अगस्त्यमुनि कॉलेज के समीप नदी में फोटो खींचने गए थे दो छात्र, तभी देखा ऐसा मंजर कि होश उड़ गए–
अगस्त्यमुनिः मंदाकिनी नदी में फोटो खींचने गए दो छात्रों का जब मौत से सामना हुआ तो उनके मुंह से चीख पुकार निकल गई। आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लोग भी चिल्लाने लगे बचाओ-बचाओ.., बाद में पुलिस टीम और स्थानीय लोगों की एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों छात्रों को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
दरअसल, पीजी कॉलेज अगस्त्यमुनि में पड़ रहा डांगी (पठालीधार) का 20 साल का सुमंत और रायड़ी गांव का छात्र अंंकुश मंदाकिनी नदी में अपने मोबाइल फोन से फोटो खींचने गए। चंद्रापुरी में स्थित एलएंडटी कंपनी की जल विद्युत परियोजना के बैराज में पानी जमा होने के कारण इन दिनों नदी में पानी कम है। लेकिन शनिवार को सुबह करीब साढ़े दस बजे कंपनी ने अचानक नदी में पानी छोड़ दिया। इधर, ये दोनों छात्र अल्मस्त होकर फोटो शूट कर रहे थे। तभी
अचानक नदी में बाढ़ जैसी स्थिति देख दोनों घबरा गए। देखते ही देखते नदी का जलस्तर बढ़ गया। दोनों नदी के बीच एक पत्थर में खड़े होकर बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगे। एक छात्र ने सिल्ला डुंगरा गांव के वीरेंद्र सिंह नेगी उर्फ बॉबी को फोन कर पुलिस को बुलाने के लिए कहा। बॉबी ने क्षेत्र पंचायत सदस्य सावन सिंह नेगी को फोन कर घटना की सूचना दी। तत्काल सावन सिंह ने पुलिस को फोन कर स्वयं भी मौके पर पहुंचे। स्थानीय जनता और पुलिस की मदद से दोनों को सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया गया। सुमंत ने कहा कि नदी का पानी बढ़ते देख वे घबरा गए थे, यदि लोग मौके पर नहीं पहुंचते तो वे जिंदा नहीं बचते।


