गोपेश्वर के वैतरणी कुंड के समीप बना सीवेज शोधन संयंत्र भूस्खलन के मुहाने पर–
गोपेश्वरः गोपेश्वर नगर क्षेत्र के समीप ही वैतरणी कुंड के समीप सीवेज शोधन संयंत्र भूस्खलन के मुहाने पर है। कभी भी संयंत्र ध्वस्त हो सकता है। इसके निर्माण पर करोड़ों की धनराशि खर्च की गई है। अब सवाल यह उठ रहे हैं कि इतने बड़े निर्माण कार्य को करने से पहले क्या भू सर्वेक्षण कार्य हुआ था। हालांकि निर्माण शाखा के अधिकारी अब इसका ठीकरा नगर पालिका के ऊपर फोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि पालिका के नाले से आ रहे बरसाती पानी से यहां भूस्खलन बढ़ा है।
गोपेश्वर और चमोली नगर क्षेत्र की सीवरेज योजना का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) की ओर से करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए हैं। लीसा फैक्ट्री बैंड, पोखरी बैंड, चमोली में अलकनंदा किनारे और वैतरणी कुंड के समीप सीवेज शोधन संयंत्र स्थापित किए गए हैं।
बीते वर्ष योजना के सीवेज शोधन संयंत्र जल संस्थान को हस्तांतरित कर दिए गए हैं लेकिन लाइन का हस्तांतरण नहीं हो पाया है। जिससे अभी भी नगर में अधिकांश जगह सीवरेज की सुचारु व्यवस्था नहीं हो पाई है। कई जगहों पर सीवर लाइन लीकेज हो रही है तो कहीं मनमाने ढंग से सीवर के कनेक्शन वितरित किए जा रहे हैं। चमोली बाजार में सीवर की सबसे अधिक दिक्कत है। यहां कई आवासीय भवनों को सीवर से नहीं जोड़ा गया है।


