फूलों की घाटी के रास्ते से बहा पुल, 263 पर्यटकों का किया गया सफल रेस्क्यू–
जोशीमठः बुधवार को फूलों की घाटी के एरिया में अतिवृष्टि से एक पैदल पुलिया बह गई, जिससे घाटी के सेर-सपाटे पर गए 263 पर्यटक घाटी की ओर ही फंस गए। बाद में मौसम सामान्य होने पर एसडीआरएफ, घांघरिया थाने की पुलिस टीम और वन विभाग के कर्मियों ने पर्यटकों का रेस्क्यू कर उन्हें सकुशल घांघरिया पहुंचाया। गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग चाक-चौबंध है।
हेमकुंड यात्रा मार्ग पर बुधवार की घटना का कोई असर नहीं है। अन्य दिनों की भांति बुधवार को भी हेमकुंड गए तीर्थयात्री गोविंदघाट पहुंच गए हैं, जबकि गोविंदघाट से हेमकुंड के दर्शनों को निकले तीर्थयात्री घांघरिया पहुंच गए हैं। हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग का इस आपदा का कोई असर नहीं रहा। अन्य दिनों की भांति यात्रा सुचारु है।
बुधवार दोपहर के समय अचानक फूलों की घाटी में बहने वाले गदेरे उफान पर आ गए। अस्थाई पुल बह गया। जिससे फूलों की घाटी घूमने गए पर्यटक फंस गए। सूचना पर एसडीआरएफ और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पर्यटकों को निकाला। फूलों की घाटी की रेंजर चेतना कांडपाल ने बताया कि बुधवार को घाटी में घूमने के लिए 263 पर्यटक गए थे। जिनको सुरक्षित निकाल लिया गया है।
हेमकुंड साहिब के अस्थाई हेलीपेड के ठीक सामने चट्टान पर भी भूस्खलन हुआ है। कुछ लोग यहां बादल फटने की आशंका जता रहे हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि घाटी के ऊपर अतिवृष्टि हुई है। जिसका कुछ पानी घाटी की तरफ निकल गया और कुछ पहाड़ी की तरफ से बहने लगा। इसी के चलते वहां पानी के साथ मलबा भी आ गया। नदी का जलस्तर भी कुछ देर तक बढ़ गया था। लेकिन अब सबकुछ सामान्य है।


