डीपीसी सदस्यों ने उनके प्रस्तावों को जिला योजना में सम्मलित न करने का लगाया आरोप–
गोपेश्वरः जिला योजना की बैठक में करीब डेढ़ घंटे तक डीपीसी (जिला योजना समिति) के सदस्यों ने जिला योजना के परिव्यय का अनुमोदन नहीं किया। प्रभारी मंत्री डा. धन सिंह रावत और जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने सदस्यों को कई बार समझाया, लेकिन सदस्य अपने प्रस्तावों को जिला योजना में सम्मलित करने पर अड़े रहे। सदस्यों का कहना था कि उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों से कई प्रस्ताव जिला योजना में दिए थे, लेकिन जब जिला योजना के प्रस्तावों की बुकलेट उनको दी गई तो उनके प्रस्ताव गायब थे। उन्होंने अधिकारियों पर भी प्रस्तावों को हटाने का आरोप लगाया। काफी समझाने के बाद मंत्री ने सदस्यों को उनके प्रस्तावों को भी जिला योजना में सम्मलित करने का आश्वासन दिया। साथ ही आपदा मद में भी उनके प्रस्तावों को रखने का आश्वासन दिया।
तब जाकर जिला योजना वर्ष 2022-23 के लिए प्रस्तावित परिव्यय 54.50 करोड़ रुपये का अनुमोदन हो पाया। इस दौरान लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग का बजट 50-50 लाख रुपये बढ़ाया गया। जिला नियोजन समिति के सदस्य अनिल सिंह, अवतार सिंह पुंडीर, आशा धपोला, प्रियंका बिष्ट, सूरज सैलानी, प्रदीप भट्ट, अनिल अग्रवाल, पूजा देवी, भागीरथी देवी, ममता देवी, बवीता देवी, लक्ष्मी भण्डारी, कृष्णा बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख हरीश परमार आदि ने कहा कि उनके प्रस्तावों को जिला योजना में जगह नहीं दी गई। विधायकों के प्रस्तावों को ही जिला योजना में रखा गया है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर योजनाओं को आगे बढ़ाएं।


