संस्कृतिः हितमोली गांव में परशुराम-लक्ष्मण संवाद के मंचन ने दर्शकों को किया भाव विभोर–

by | Apr 10, 2023 | चमोली, संस्कृति | 0 comments

पांच साल बाद हो रही गांव में रामलीला को देखने दूसरे गांवों से भी पहुंच रहे दर्शक–

नंदानगरः प्रसिद्घ पर्यटन स्थल बैरासकुंड के समीप ग्राम पंचायत मटई के हितमोली गांव में इन दिनों रामलीला की धूम मची हुई है। रविवार रात्रि को धनुष यज्ञ और परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। इस मंचन को देखने के लिए देर रात तक दर्शक पांडाल में जमे रहे। हितमोली गांव में पांच साल बाद रामलीला का मंचन किया जा रहा है। रामलीला को देखने के लिए मटई, सेमा, खलतरा, पगना, कांडई, मोठा के साथ ही आसपास के गांवों से दर्शक पहुंच रहे हैं।

मंचन में पुत्री सीता के विवाह के लिए राजा जनक ने सीता स्वयंवर का आयोजन किया। उपस्थित राजा जब धनुष को उठाना तो दूर हिला तक नहीं सके तो परेशान होकर राजा जनक विलाप करने लगे उन्होंने कहा कि उन्हें आज पता चला कि पृथ्वी वीरों से खाली हो चुकी है। जनक का विलाप सुन दर्शक भाव विभोर हो गए। जनक की बातें सुन लक्ष्मण क्रोधित हो उठे तब भगवान राम ने इशारे से उन्हें रोका और विश्वामित्र से आज्ञा लेकर धनुष का भंजन किया।

धनुष टूटते ही सीता ने भगवान राम के गले में जयमाला डाल दी। धनुष टूटने की आवाज सुनते ही परशुराम स्वयंवर में आ गए और धनुष तोड़ने वाले का नाम पूछने लगे, इस पर वहां सन्नाटा छा गया। वहीं परशुराम और लक्ष्मण के बीच जमकर शब्दों के बाण चले। राम के पात्र की भूमिका राघव, लक्ष्मण पंकज, रावण प्रभात और परशुराम का अभिनय लीलानंद पुरोहित ने किया। इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष लीलानंद पुरोहित, ग्राम प्रधान प्रभात पुरोहित, दिनेश चंद्र, श्रीकृष्ण पुरोहित, नवीन आदि मौजूद रहे।

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