चमोली: गोपीनाथ मंदिर का पुरातत्व विभाग के अ​धिकारियों की टीम ने किया निरीक्षण–

by | Jul 9, 2023 | आस्था, चमोली | 0 comments

मंदिर के संरक्षण के उपाय करने का दिया आश्वासन, हक-हकूकधारियों ने मंदिर के साथ ही त्रिशूल के संरक्षण पर भी दिया जाेर–

गोपेश्वर: पुरातत्व विभाग के अ​धिकारियों ने रविवार को गोपीनाथ मंदिर का निरीक्षण किया। अ​धिकारियों ने मंदिर में सुरक्षा के उपाय करने की बात कही है। साथ ही कहा कि निकट भविष्य में मंदिर को कोई बड़ा खतरा नहीं है। मंदिर के निरीक्षण के लिए पुरातत्व विभाग की टीम शनिवार को देर शाम गोपेश्वर पहुंच गई थी। अधिकारियों ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को भी दी। रविवार को पूर्वाह्न करीब ग्यारह बजे बारिश के दौरान अधीक्षण पुरातत्व मनोज सक्सेना, अधीक्षण अभियंता रामकिशोर मीणा और संरक्षण सहायक आशीष सेमवाल ने मंदिर के चारों ओर से निरीक्षण किया।

मंदिर के ठी सामने से मंदिर के पत्थरों का अवलोकन किया गया। हक-हकूकधारियों ने उन्हें मंदिर में आ रहे बदलाव के बारे में बताया। पंडित हरीश भट्ट ने बताया कि के गर्भगृह में बारिश होने पर लगातार पानी टपक रहा है। शिवलिंग की जलेरी धंस रही है। साथ ही मंदिर के समीप ही सीवेज की लाइन से भी दिक्कत बनीं हुई है।

पुजारी व हक-हकूकधारी हरीश भट्ट, महादेव, डॉ. अरविंद भट्ट, क्रांति भट्ट, उमेश, मनीष नेगी, महेंद्र नेगी, प्रवीण भट्ट आदि ने कहा कि मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन त्रिशूल का संरक्षण किया जाए। साथ ही मंदिर व आस पास की दीवारों पर प्राचीन लिपि का संरक्षण किया जाए।

उनका कहना है कि दुर्लभ लिपि मंदिर व आसपास के पत्थरों पर लिखी गई है, उन्हें लिपि विशेषज्ञों द्वारा पढ़ने की व्यवस्था की जाए। जिससे पता चल सके कि प्राचीन भाषा में इन पर क्या लिखा गया है। हक-हकूकधारियों ने कहा कि मंदिर के आसपास जल व सीवर निकासी को दुरुस्त किया जाए।

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