जुम्मा में मलारी हाईवे पर स्थित ब्रिज बह जाने से सीमा क्षेत्र में सेना और भोटिया जनजाति के ग्रामीणों की आवाजाही रुकी, ग्रामीण परेशान–
चमोली: 7 फरवरी 2021 को रैणी आपदा के बाद फिर से चमोली जनपद की नीती घाटी में अफरा-तफरी का माहौल है। जुम्मा नाले में बाढ़ आने से यहां मलारी हाईवे पर ब्रिज बह गया है। जिससे चीन सीमा क्षेत्र में सेना के वाहनों के साथ ही स्थानीय ग्रामीणों की आवाजाही थम गई है। ग्रामीण अपने घरों और गांवों में कैद होकर रह गए हैं। चमोली जिला सूचना विभाग से सूचना मिली है कि बीआरओ की ओर से जुम्मा नाले में ह्यूम पाइप बिछाकर वाहनों की आवाजाही सुचारु करवाई जा रही है।
मंगलवार को सुबह करीब चार बजे जुम्मा मोटर पुल भी नाले के के उफान पर आने से बह गया है। यहां एक बोल्डर भी पुल के नीचे फंस गया था। जिससे ब्रिज बह गया। शीमठ की एसडीएम कुमकुम जोशी का कहना है कि ग्रामीणों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आईटीबीपी को अलर्ट कर दिया गया है।
मौसम सामान्य होने पर जुम्मा नाले में आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा चमोली जनपद में 17 मोटर मार्ग अवरुद्ध पड़े हैं। बदरीनाथ राष्ट्रीयराज मार्ग भी पागल नाला, रडांग बैंड और कंचन गंगा में मलबा और भारी मात्रा में बोल्डर आने से अवरुद्ध हो गया है।
जिससे बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा जगह-जगह रुकी हुई है। नीती घाटी के रैणी गांव के पूरन सिंह और कागा गांव के ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह राणा ने बताया कि नीती घाटी में लगातार बारिश हो रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र जुम्मा नाले में वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की मांग की है।


