दस सालों से मठ गांव के निचले क्षेत्र में हो रहा भूस्खलन, 20 परिवार आपदा की जद में आए–
पीपलकोटी: मठ गांव की तलहटी से हो रहे भूस्खलन को रोकने के लिए वृहद ट्रीटमेंट की कवायद शुरू हो गई है। शनिवर को टीएचडीसी की सोसियल, टेक्निकल और सड़क डिपार्टमेंट की टीमों ने एक साथ मठ गांव में भूस्खलन क्षेत्र का स्थानीय निरीक्षण किया। बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी, ब्लॉक प्रमुख विनीता देवी व स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शीघ्र जल्द से जल्द भूस्खलन क्षेत्र के ट्रीटमेंट किया जाए।
वर्ष 2013 में टीएचडीसी की ओर से मठ गांव के निचले क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया। इसके बाद से मठ गांव में भूस्खलन शुरू हो गया। मौजूदा समय में भूस्खलन आवासीय मकानों तक पहुंच गया है। चमोली तहसील प्रशासन की ओर से पुष्कर सिंह, डबल सिंह, तारेंद्र सिंह, आनंद सिंह और बलवंत सिंह को किराए के भवनों में शरण लेने के लिए कहा है।
साथ ही गांव में करीब 15 परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। शनिवार को टीएचडीसी के एजीएम (सामाजिक) केपी सिंह, अजय कुमार और डीजीएम (भूगर्भीय) नंदकांत ने मठ गांव जाकर प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां मिट्टी के सेंपल भी लिए।
ब्लाॅक प्रमुख विनीता देवी ने बताया कि टीएचडीसी की ओर से पूर्व में भूस्खलन को रोकने के लिए यहां सुरक्षा दीवार का निर्माण भी किया गया। लेकिन दीवार भी भूस्खलन की भेंट चढ़ गई है। शनिवार को टीम ने मठ गांव का चारों ओर से सर्वेक्षण कार्य किया। टीएचडीसी के अधिशासी निदेशक को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र भूस्खलन का मेजर ट्रीटमेंट शुरू करने की मांग की गई है। इस मौके पर मनोज कुमार, सरपंच गोपाल सिंह नेगी, बलवंत सिंह, हुकम सिंह नेगी, आनंद सिंह, प्रेम सिंह, मोहन पंत आदि मौजूद रहे।


