श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को हुई डेढ़ करोड़ से अधिक की आय, पहली बार लागू की गई नई व्यवस्था–
बदरीनाथ: श्री बदरीनाथ और केदारनाथ धाम पहली बार वीआईपी और वीवीआईपी से शुल्क लिया गया तो चढ़ावे का आंकड़ा करोड़ों में पहुंच गया। दोनों धामों में इस साल यात्रा सीजन में अब तक 51,696 वीआईवी व वीपीआईपी दर्शनों को पहुंचे हैं। जिससे बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को एक करोड़ 55 लाख आठ हजार 800 रुपये की आय प्राप्त हुई है।
बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि इस साल धाम में वीआईपी के दर्शनों के लिए नई व्यवस्था लागू की गई। प्रत्येक वीआईपी को दर्शनों के लिए 300 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया। इस व्यवस्था के लागू होने से जहां वीआईपी के नाम पर घुसने वालों की भीड़ कम हुई वहीं बीकेटीसी को भी अच्छी आय प्राप्त हुई।

अजेंद्र अजय ने बताया कि इससे पूर्व दोनों धामों में वीआईपी से कोई शुल्क नहीं लिया जाता था। जबकि वीआईपी श्रद्धालु प्राथमिकता के आधार पर दर्शन करते हैं। यात्राकाल से पहले समिति के दलों को देश के चार बड़े मंदिरों वैष्णो देवी, तिरुपति बालाजी, सोमनाथ और महाकाल मंदिर व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए भेजा गया।
दलों ने लौटकर वीआईपी और वीपीआईपी के दर्शनों के लिए शुल्क निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा। केदारनाथ में सबसे पहले 300 रुपये की वीआईपी की पर्ची मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की काटी गई थी। बताया कि केदारनाथ में 15612 और बदरीनाथ में 36084 वीआईपी दर्शन कर चुके हैं।


