आस्था: पांडुकेश्वर के योग बदरी और कुबेर मंदिर में विराजमान हुई उद्धव जी और कुबेर जी की उत्सव डोली–

by | Nov 19, 2023 | आस्था, चमोली | 0 comments

पांडुकेश्वर में श्रद्धालुओं ने देवताओं की डोलियों, रावल और धर्मा​धिकारी के ऊपर की पुष्पवर्षा–

पांडुकेश्वर: बदरीनाथ धाम के कपाट छह माह शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। रविवार को बदरीनाथ धाम से उद्धव जी और कुबेर जी की उत्सव डोली योग बदरी मंदिर और कुबेर मंदिर पांडुकेश्वर में विराजमान हो गई है। सोमवार को आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी नृसिंह मंदिर जोशीमठ में स्थापित कर दी जाएगी। तय कार्यक्रम के तहत

रविवार को सुबह करीब 10 बजे गढ़वाल स्काउट की बैंड धुन के साथ रावल, धर्माधिकारी और वेदपाठियों के साथ आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, उद्धव जी व कुबेर जी की उत्सव डोली पांडुकेश्वर के लिए रवाना हुई। बिनातोली, हनुमान चट्टी, लामबगड़, जेपी डेम साइट और पांडुकेश्वर बाजार में श्रद्धालुओं ने देव डोलियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। पांडुकेश्वर की महिलाओं ने मांगल गीत और भजन कीर्तन की शानदार प्रस्तुति दी।

तीर्थयात्रियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने देव डोलियों पर पुष्प वर्षा की। अपराह्न 12 बजे उद्धव जी की डोली योग बदरी मंदिर और कुबेर जी की डोली कुबेर में मंदिर में विराजमान हुई। भगवान बदरीनाथ के वाहक गरुड़ जी की प्रतिमा को नृसिंह मंदिर जोशीमठ में विराजमान कर दिया गया है। बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डाॅ. हरीश गौड़ ने बताया कि सोमवार को आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी योग बदरी मंदिर से प्रस्थान कर जोशीमठ नृसिंह मंदिर ले जायी जाएगी। अब छह माह तक जोशीमठ और पांडुकेश्वर में भगवान बदरीनाथ की शीतकालीन पूजाएं संपन्न होंगी।

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