आइबेक्स ब्रिगेड के हिम वीरों ने चीन सीमा की अग्रिम चौकियों पर राष्ट्रगीत के 150 गौरवशाली वर्ष को उत्सव के रुप में मनाया–
चमोली, 07 नवंबर 2025: चमोली से लगे चीन सीमा क्षेत्र की अग्रिम चौकियों में सीमा की निगेहबानी कर रहे हिम वीरों ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 गौरवशाली वर्षों को भव्य उत्सव के रुप में मनाया।
आइबेक्स ब्रिगेड के वीर सैनिकों के वंदे मातरम गीत की स्वर लहरियों से चीन सीमा गूंजायमान हो उठी। यह आयोजन राष्ट्रव्यापी वर्षभर चलने वाले उत्सव का एक प्रेरणादायक अध्याय है। 1875 में बंकिमचन्द्रचट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह अमर गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का प्राणस्वर बनकर उभरा था और आज भी राष्ट्रीय गर्व, एकता और अटूट देशभक्ति की भावना को जीवंत करता है।

भारतीय सेना का यह विशेष श्रद्धांजलि समारोह उन सैनिकों की अटूट निष्ठा और अदम्य साहस का प्रतीक है, जो दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में राष्ट्र की रक्षा में तत्पर रहते हैं। इस अवसर पर अग्रिम चौकियों पर तैनात सैनिकों ने “वंदेमातरम्” के पूर्ण संस्करण का सामूहिक गायन किया — जो मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण, एकता और गौरव की गूंज थी।

भारतीय सेना द्वारा अग्रिम क्षेत्रों में किया गया यह ऐतिहासिक आयोजन न केवल “वंदेमातरम्” के अमर संदेश को पुनर्जीवित करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि यह गीत आज भी हर भारतीय सैनिक के हृदय में प्रेरणा का स्रोत है। इस स्मरणीय क्षण में सैनिकों ने राष्ट्र के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया और “वंदेमातरम्” की उस विरासत को नमन किया जो सदियों से भारत की शक्ति, साहस और स्वतंत्रता की अमर भावना का प्रतीक रही है।


