भालू ने महिला का चेहरा पूरी तरह जख्मी किया, इसलिए काले शाॅट से ढका गया है
भालू ने महिला के चेहरे को बुरी तरह किया जख्मी, खुले आसमान के नीचे पेड़ की आड़ में काटी रात–
गोपेश्वर, 20 नवंबर 2025: यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। रातभर चट्टान के नीचे एक पेड़ की आड़ में बैठी महिला की जिंदगी बच निकली। महिला को ढूंढने पहुंची वन विभाग की रेस्क्यू टीम को देख महिला की जान में जान आ गई। महिला की जिंदगी रातभर चट्टान के नीचे जिंदगी और मौत के बीच झूलती रही। रस्सियों के सहारे महिला के पास पहुंचे परिजनों व रेस्क्यू टीम ने उसे रास्ते तक पहुंचाया। यहां उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के बाद उसे हायर सेंटर एम्स ऋषिकेश भेज दिया गया है। मामला पोखरी विकास खंड के पाव गांव का है।

गांव की 45 साल की रामेश्वरी देवी 19 नवंबर, बुधवार को घास लेने समीप के जंगल में गई थी। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर ग्रामीणों ने महिला की तलाश की। भालू के हमले की आशंक पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन अंधेरा होने के चलते सर्च अभियान रोक दिया गया। ग्रामीणों को महिला की दरांती, रस्सी और परांदा एक जगह पड़ा मिला, और कुछ खून के धब्बे भी दिखे, जिससे भालू के हमले की आशंका पक्की हो गई थी।
बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीणों, वन विभाग और पुलिस ने महिला की तलाश शुरू की। महिला जंगल में एक बरसाती गदेरे के किनारे चट्टानी भाग में एक पेड़ की आड़ में पड़ी मिली। भालू ने महिला के चेहरे को बुरी तरह जख्मी किया हुआ है। रेस्क्यू टीम ने रस्सी के सहारे कड़ी मशक्कत के बाद महिला को वहां से बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरी पहुंचाया।

चिकित्सकों ने बताया कि महिला के चेहरे पर भालू ने गहरे घाव किए हुए हैं। इसके चलते प्राथमिक उपचार के बाद महिला को एयर एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया। रेस्क्यू टीम में वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी, थानाध्यक्ष पोखरी देवेंद्र पंत, वन दरोगाआंनद सिंह, वन आरक्षी दिनेश राणा, उमेद सिंह, विनोद सिंह, अमित भंडारी, एसआई दलवीर नेगी, दीपक भंडारी, यशवंत सिंह, करण सिंह सहित अन्य वन कर्मी, पुलिस और ग्रामीण मौजूद रहे।


