पहल: राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने की चिपको नेत्री गौरा देवी को मरणोप्रांत भारत रत्न देने की पैरवी–

by | Dec 3, 2025 | चमोली, ब्रेकिंग | 0 comments

कहा-गौरा देवी के पर्यावरण संरक्षण के कार्य को देश, दुनिया ने अपनाया, लंबे समय से चल रही भारत रत्न देने की मांग–

देहरादून, 03 दिसंबर 2025: राज्यसभा सांंसद महेंद्र भट्ट ने संसद में महान विभूति चिपको नेत्री गौरा देवी को मरणोप्रांत भारत रत्न देने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि गौरा देवी के पर्यावरण संरक्षण को भुलाया नहीं जा सकता है। कहा कि देश-दुनिया ने उनके कार्य को अपनाया। लंबे समय से गौरा देवी को भारत रत्न देने की मांग उठ रही है।

रज्यसभा में महेंद्र भट्ट ने कहा कि गौरा देवी उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ विकास खंड के रैणी गांव की ग्रामीण महिला थीं, उन्होंने अपने जीवन काल में पर्यावरण संरक्षण के लिए चिपको आंदोलन की शुरुआत की थी, यह आंदोलन हिमालय क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पेड़ों के कटान के विरुद्ध मातृश​क्ति ने शुरू किया था। यह वृक्षों के आलंगन ने जुड़ा आंदोलन था, इस आंदोलन को 51 वर्ष पूर्ण हो गए हैं।

पर्यावरण को बचाने के लिए चिपको आंदोलन 1974 को सीमांत रैणी गांव में शुरू हुआ था, जब पेड़ों को काटने वाले ठेकेदारों ने अपने लोगों को क्षेत्र में पेड़ कटान के लिए भेजा तो गौरा देवी ने कहा था पेड़ों को काटने से पहले उन्हें काटा जाए। उनकी इस आवाज को पूरे देश ने सुना, यह पर्यावरण संरक्षण का बढ़ा मुद्दा बना। इसके बाद यह आंदोलन भारत के हिमाचल, कर्नाटक, राजस्थान और बिहार राज्यों तक फैल गया।

इस आंंदोलन का ही परिणाम रहा कि तत्कालीन भारत सरकार ने 15 वर्षों तक हिमालयी राज्यों में पेड़ कटान को पूर्ण प्रतिबं​धित कर दिया। चिपको आंदोलन गौरा देवी जी के संघर्षाों की कहानी है, मांग उठाई कि इस महान विभूति गौरा देवी को मरणोप्रांत भारत रत्न दिया जाए।

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