पांच हजार रुपये इनाम भी रखा था पुलिस ने आरोपी के खिलाफ, हिमगिरी प्लांटेशन कंपनी बनाकर लोगों के लाखों रुपये हड़पने का है आरोप, देखें वीडियो–
गोपेश्वर, 15 दिसंबर 2025: चमाेली पुलिस ने 25 साल पहले फर्जी तरीके से कंपनी बनाकर लोगों के लाखों रुपये हड़पने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया था। बीते दिनों पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने भगोड़े आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत ऐसे संगीन मामलों की थानावार समीक्षा की तो उन्होंने पुलिस अधिकारियों को भगोड़ों को पकड़ने के सख्त निर्देश दिए। जिस पर पुलिस टीम सक्रिय हुई और धोखाधड़ी में 25 साल से फरार आरोपी को भी पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। मामला वर्ष 2001 का है।
शिव प्रसाद निवासी कालीमठ जिला रुद्रप्रयाग ने गोपेश्वर थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करायी। जिसमें आरोप लगाया कि रविंद्र मोहन व उसके भाई राकेश मोहन दोनों निवासी ग्राम जामू, थाना गुप्तकाशी जिला रुद्रप्रयाग ने वर्ष 1993 में हिमगिरी प्लांटेशन नाम की कंपनी शुरू की। लोगों को लालच दिया कि कंपनी में निवेश करने पर कम समय में पैसा दो गुना किया जाएगा, आकर्षक व्याज भी दिया जाएगा।
लोगों ने खूब पैसे लगाए, अचानक 2001 में दोनों भाई लाखों रुपये लेकर गायब हो गए। गोपेश्वर थाने में दोनों भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को भगोड़ा घोषित किया, उसी दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चमोली ने आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए।
इनको पकड़ने के लिए एसआई सतेंद्र बुटोला के नेतृत्व में टीम गठित की। पुलिस ने नई तकनीकी का उपयोग करते हुए विभिन्न प्रपत्रों, देशव्यापी रिकार्ड्स आदि के माध्यम से आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच में अभियुक्तों के दिल्ली में होने की बात सामने आयी। जिस पर पुलिस टीम दिल्ली व नोएडा भेजी गयी। पुलिस को जानकारी मिली कि अभियुक्त किसी निजी आयोजन के लिए अपने गांव की ओर आ रहा है। इस पर पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी रविंद्र मोहन को फाटा रुद्रप्रयाग से गिरफ्तार कर लिया। जबकि दूसरे की तलाश जारी है।
एसपी सुरजीत पंवार ने बताया कि संगठित वित्तीय अपराधों में लिप्त होकर जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाले आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों को स्पष्ट संदेश है कि वे चाहे कितने भी शातिर हों, कितने भी समय तक फरार क्यों न रहें, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते।
आरोपी को पकड़ने वाली टीम में एसआई सतेंद्र बुटोला, हेड कांस्टेबल अंकित पोखरियाल, कांस्टेबल सलमान, कांस्टेबल रविकांत, कांस्टेबल कमलेश सजवाण, टेक्नीकल टीम में उपनिरीक्षक प्रमोद खुगशाल, कांस्टेबल राजेंद्र सिंह रावत शामिल रहे।


