चमोली: सात माह तक देवालयों और गांव-गांव में चली रथ यात्रा, अब 15 दिन तक आयोजित होंगे धार्मिक अनुष्ठान–

by | Feb 8, 2026 | आस्था, चमोली | 0 comments

उर्गम घाटी के भर्की गांव में मां कालिंका की रथ यात्रा अब अंतिम दौर में पहुंची, 23 को अपने मंदिर में विराजमान होगी मां कालिंका–

ज्योतिर्मठ (चमोली), 08 फरवरी 2026: पिछले सात माह से वि​भिन्न देवालयों और गांव-गांव का भ्रमण करने के बाद उर्गम घाटी के भरकी गांव की ईष्ट देवी मां कालिंका की दिवारा यात्रा अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। मां कालिंका रविवार को अपने नियत स्थान भरकी गांव में पहुंच गई। अपनी आराध्य देवी के दर्शनों के लिए सैकड़ों भक्तगण पहुंचे हुए थे। भक्तों ने मां कालिंका देवी की डाेली और मेद्यूल देवी का फूल मालाओं से स्वागत किया। अब सोमवार को नौ फरवरी से 23 फरवरी के मध्य गांव में विभिन्न धार्मिक आयोजन संपन्न होंगे। इसके बाद माता की डोली व निशान मंदिर में विराजमान हो जाएंगे।

भरकी गांव की कालिंका देवी की रथ यात्रा 35 साल बाद आयोजित हुई। इस धार्मिक यात्रा में शामिल होने के लिए बढ़ी संख्या में भक्तगण भरकी गांव पहुंचे। मां कालिंका की डोली और मेद्यूल माता के निशानाें ने विभिन्न देवालयों और गांवों का भ्रमण किया।

मां कालिंका के पश्वा लक्ष्मण सिंह नेगी ने बताया कि रथ यात्रा ने रुद्रनाथ, पल्ला किमाणा, बदरीनाथ, माणा, ज्योतिर्मठ नृसिंह मंदिर, अनसूया मंदिर सहित विभिन्न गांवों में करीब 900 किलोमीटर तक पैदल भ्रमण किया। अब यात्रा संपन्न होने की ओर है। नौ फरवरी से मां कालिंका देवी मंदिर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। ब्राह्मण, देवताओं, ध्याणियों (विवाहित बेटियां) को भोजन कराया जाएगा। विभिन्न देव कार्य संपन्न होने के बाद 23 फरवरी को मां कालिंका अपने मंदिर में विराजमान हो जाएगी।

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