अगस्त्यमुनि खेल मैदान में होगा लोक कला व संस्कृति का अद्भुत मिलन–

by | Mar 17, 2022 | रचनात्मक, रूद्रप्रयाग, संस्कृति | 0 comments

— मंदाकिनी घाटी में निरंतर 12 सालों से आयोजित हो रहे फूलदेई महोत्सव और घोघा जातरा प्रतियोगिता को इस बार भी भव्य रुप से समारोहपूर्वक आयोजित करने का निर्णय आयोजक मंडल ने लिया है। मंडलीय अपर निदेशक, माध्यमिक शिक्षा ( गढ़वाल मंडल) महावीर सिंह बिष्ट और गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर में लोककला निष्पादन केंद्र के निदेशक व प्रख्यात संस्कृतिकर्मी प्रोफेसर डीआर पुरोहित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। गढ़वाल मंडल के समस्त विद्यालयों में पहली बार 14 मार्च को लोकपर्व फूलदेई पर्व मनाए जाने को लेकर अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल महावीर बिष्ट ने समस्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर लोकपर्व बनाने के निर्देश जारी किए।

जिसके बाद संपूर्ण विद्यालयों में यह लोकपर्व धूमधाम से मनाया गया। इस आदेश के पीछे अपर निदेशक महावीर सिंह बिष्ट बताते हैं कि फूलदेई उत्तराखंड का पौराणिक व पारंपरिक लोकपर्व है। वर्तमान समय में यह पर्व विलुप्ति की कगार पर आ गया है। आज जरूरत पारंपरिक विरासत से नई पीढ़ी को जोड़कर इसे संरक्षित करने में सभी की सहभागित को लेकर है। इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे प्रोफेसर डीआर पुरोहित विगत कई वर्षों से उत्तराखंड की लोक-संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य करते आ रहे हैं।

साहित्यिक और लोक संस्कृति को समर्पित दस्तक पत्रिका परिवार द्वारा फूलदेई महोत्सव एवं घोघा जातरा प्रतियोगिता का आयोजन मंदाकिनी घाटी की सांस्कृतिक नगरी अगस्त्यमुनि में पिछले 12 सालों से किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में फुलारी बच्चे शामिल होते हैं। कार्यक्रम के आयोजक हरीश गुसाईं ने बताया कि इस वर्ष रविवार, 20 मार्च को अगस्त्यमुनि मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें विजयी एवं सभी प्रतिभागी टीमों को नकद धनराशि के साथ ट्राफी भेंट की जाएगी। इस दौरान पहाड़ में बेहतर कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए ” उम्मीदों के पहाड़” सम्मान दिया जाएगा।

इस वर्ष यह सम्मान केदारघाटी में मांगल गीतों के संरक्षण और लोकगीतों को नई पहचान देने वाली सारी गांव की रामेश्वरी देवी, दुर्गम क्षेत्रों में ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाली महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता दर्शनी नेगी और गढ़वाली बोली-भाषा में रचनात्मक सृजन करने वाली नवोदित कवियित्री कविता कैन्तुरा को दिया जा रहा है। 

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