उत्तराखंड में भी चलने लगा बुल्डोजर का खौफ। अगस्त्यमुनि का है ताजा मामला–
— रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के निर्देश पर अगस्त्यमुनि बाजार में एक चार मंजिला भवन को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन ने उच्च न्यायालय के निर्देशों पर यह कार्रवाई की है। मंगलवार को तहसीलदार मंजू राजपूत की मौजूदगी में भवन को ध्वस्त कर दिया गया। दरअसल, वर्ष 2004 में जब यह भवन निर्माणाधीन था, तो तब प्रशासन ने सरकारी भूमि होने की बात कहकर इसका चालान किया था। इसके बावजूद भी भवन निर्मित हो गया।
मामला न्यायालय में गया, जहां फैसला प्रशासन के पक्ष में आया। यह भवन अगस्त्यमुनि के न्यू मार्केट में स्थित थी। इस पर एक मेडिकल स्टोर व दो दुकानें सालों से संचालित हो रही थी। तहसीलदार मंजू राजपूत ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर भवन को ध्वस्त कर दिया गया है। यह भवन राजीव नेगी पुत्र भौपाल सिंंह नेगी, निवासी बुटोल गांव, चंद्रापुरी वालों का था। दुकानदारों का कहना है कि हमें विश्वास ही नहीं हो रहा है कि प्रशासन इतनी जल्दी भवन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर देगा। देखते ही देखते भवन जमींदोज कर दिया गया। बता दें कि इसी प्रकार के एक अन्य मामले में भी भवन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शीघ्र होगी।


