जश्न ए आजादीः आठवीं वाहनी आईटीबीपी ने हर्षोल्लास के साथ मनाया 75वां स्वतंत्रता दिवस– 

by | Aug 16, 2022 | चमोली, संस्कृति | 0 comments

सेनानी हफीजुल्लाह सिद्दीकी ने हवलदार/जीडी भूपेंद्र सिंह को भेंट किया महानिदेशक प्रशस्ति पत्र– 

गौचरः 8वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस में स्वतंत्र स्वतंत्र भारत की 75 वीं वर्षगांठ आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। बल के गौचर कैंप में सेनानी हफीजुल्लाह सिद्दीकी के कुशल नेतृत्व एवं निर्देशन में स्वतंत्रता दिवस का महोत्सव मनाया गया। सेनानी हफीजुल्लाह सिद्दीकी के द्वारा ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के दौरान एक अधिकारी (परेड कमांडर), तीन अधीनस्थ अधिकारी और 30 जवानों की सैन्य टुकड़ी परेड के द्वारा सशस्त्र राष्ट्रीय सलामी दी गई, राष्ट्रीय सलामी के दौरान राष्ट्रगान की धुन पर राष्ट्रीय गान गाया गया।

इस दौरान बल में कर्मनिष्ठ के भाव से सराहनीय कार्य करने पर हवलदार/जीडी भूपंद्र सिंह को म‌हानिदेशक प्रशस्ति पत्र के साथ सेनानी हफीजुल्लाह सिद्दीकी के हाथों सम्मानित किया गया। 

इसके पश्चात कैंप परिसर में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए सेनानी हफीजुल्लाह सिद्धकी ने कहा कि आज का दिवस हम सभी के लिए बेहद खास है, यही कारण है कि हम बेसब्री से इस दिन का इंतजार करते हैं, इस विशेष दिन हम उन सभी महान क्रांतिकारियों एवं स्वतंत्रता सेनानियों की याद में श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने लंबे स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान देश के गौरव के लिए बहुत बहादुरी से लड़ते हुए त्याग और बलिदान दिया। जिसके चलते हमें आजादी मिली।

भारत का स्वतंत्रता दिवस सिर्फ अंग्रेजों से प्राप्त हुई हमारी आजादी को ही नहीं दर्शाता है, बल्कि जो हमारे देश की क्षमता और शक्ति को भी दर्शाता है। प्रसन्नता होनी होती है कि सैन्य शक्ति के मामले में आज हम दुनिया के 5 सबसे शक्तिशाली देशों में से एक हैं। इसका श्रेय हमारी सेना के वीर सैनिकों को जाता है। आज के परिपेक्ष में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवान सुरक्षा और देश की शांति व्यवस्था के लिए न सिर्फ दिन-रात सीमा पर मुस्तैद रहते हैं, बल्कि किसी भी आपदा और संकट के समय में भी बचाव राहत कार्यों के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। जिस पर हमें गर्व है।

वाहिनी की तैनाती देव भूमि उत्तराखंड के धार्मिक एवं पर्यटन स्थल जैसे क्षेत्रों में है जहां देश-विदेश के लाखों पर्यटक/श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि गर्व है कि सीमा चौकसी के अतिरिक्त आठवीं के जवानों के द्वारा हजारों श्रद्घालुओं को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करने हेतु बचाव कार्यों को बेहतरीन तरीके से किया जाता है।

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