आस्था:सिल्ला भट्टकोटी में तीन दिनों तक आयोजित हुआ यज्ञ अनुष्ठान, सभी प्रवासी भी लौटे–

by | Jun 7, 2023 | रूद्रप्रयाग, संस्कृति | 0 comments

कुल देवी देवताओं के यज्ञ अनुष्ठान में ध्या​णियों के मधुर मिलन की साक्षी बनी नई, पुरानी पीढ़ी–

अगस्त्यमुनि: ग्राम पंचायत सिल्लाभट्टकोटी में तीन दिनों तक कुल देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के साथ ही यज्ञ अनुष्ठान आयोजित किया गया। यह धार्मिक आयोजन प्रतिवर्ष आयोजित होता है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते तीन साल बाद अपनों का मिलन हुआ। तीन दिन कब गुजरे पता ही नहीं चला​। इस यज्ञ अनुष्ठान में देवी- देवताओं के साथ ही ध्या​णियों (विवाहित बेटियां) का भी मधुर मिलन हुआ।

पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 4 से 6 जून तक भट्टकोटी परिवार के कुल देवता नृसिंह भगवान के सम्मुख यज्ञ अनुष्ठान आयोजित किया गया। वि​धि-विधान से शुभ लग्न पर मंत्रोच्चारण के साथ सबसे पहले गौरणा देवी का आह्वान और पूजा अर्चना की गई। गांव के आराध्य देव साणेश्वर महाराज और क्षेत्र के रक्षक क्षेत्रपाल महाराज की पूजा-अर्चना के बाद यज्ञ अनुष्ठान आयोजित हुआ। तीन दिनों तक सर्वश्री पंडित त्रिलोचन प्रसाद भट्ट, भगवती प्रसाद भट्ट, सर्वेश्वर भट्ट, सुभाष भट्ट और अनिल भट्ट ने यज्ञाचार्य के रुप में मंत्रोच्चारण किया और समस्त परिजनों ने यज्ञाहूतियां दी। नृसिंह भगवान से समस्त परिजनों ने आशीर्वाद पाया। यज्ञ के दौरान निर्णय लिया गया कि नृसिंह भगवान का चि​न्हित जगह पर भव्य मंदिर स्थापित किया जाएगा। इस धार्मिक अनुष्ठान में 24 से अ​धिक परिवार सम्मलित हुए, जिनमें 200 से अ​धिकध्या​णियां पहुंची हुई थी। प्रतिदिन ध्या​​णियों ने कीर्तन भजन की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर संपूर्ण क्षेत्र को भ​क्तिमय बना दिया था।

इस मौके पर वरिष्ठ अ​धिवक्ता सुशील भट्ट, प्रकाश चंद्र भट्ट, हरीश भट्ट, डॉ. सर्वेश्वर प्रसाद भट्ट, रमेश भट्ट, राजेंद्र प्रसाद भट्ट, जगदंबा भट्ट, भगवती प्रसाद भट्ट, रजनीकांत भट्ट, अनिल भट्ट, सुभाष भट्ट, शंभू प्रसाद भट्ट, त्रिलोचन भट्ट, रामेश्वर भट्ट, डॉ. चंडी प्रसाद भट्ट, कैलाश भट्ट, संतोष भट्ट, सतेश्वर प्रसाद भट्ट, चक्रधर प्रसाद भट्ट, सतेश्वर प्रसाद भट्ट, जयबल्लभ भट्ट, कुसुम भट्ट के साथ ही कई परिजन मौजूद रहे। अनुष्ठान के दौरान विजया देवी, अनीता, सुनीता, दीका, सरिता, कलावती आदि ने एक के बाद एक भजन की प्रस्तुतियों से माहौल भ​क्तिमय बनाया। ध्या​णियों की विदाई के समय सभी की आंखें झलक उठी, प्रतिवर्ष इस धार्मिक और परिवार मिलन कार्यक्रम को आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

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