लामबगड़ गदेरे का जलस्तर बढ़ने से हाईवे पर आए भारी मात्रा में पत्थर, हाईवे सुचारु करने में जुटी बीआरओ–
गोपेश्वर: बरसात के शुरुआती दौर में ही लामबगड़ नाला तीर्थयात्रियों की मुसीबत बनकर सामने आने लगा है। शनिवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से नाला उफान पर आ गया, जिससे यहां बदरीनाथ की यात्रा रुक गई।
हाईवे पर भारी मात्रा में पत्थर आ गए हैं। नाले का पानी भी हाईवे से होते हुए अलकनंदा में जा रहा है। जिससे यहां वाहनों की आवाजाही पुलिस प्रशासन की ओर से रोकी गई है। नाले का पानी कम होने पर सीमा सड़क संगठन की ओर से जेसीबी की मदद से हाईवे को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है।
लामबगड़ नाला कई दशकों से बदरीनाथ यात्रा के लिए मुसीबत का कारण बना रहता है। यह हाईवे चीन सीमा क्षेत्र में भारत की सेना की अग्रिम चौकियों को भी जोड़ता है। सेना के जवान भी इसी हाईवे से आवाजाही करते हैं। हाईवे बंद होने से सेना को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लामबगड़ भूस्खलन जोन का मेजर ट्रीटमेंट किया गया तो यहं भूस्खलन रुक गया है, लेकिन लामबगड़ नाले का अभी तक ट्रीटमेंट नहीं हो पाया है। बदरीनाथ हाईवे का रुद्रप्रयाग से हेलंग तक का हिस्सा एनएचआईडीसीएल और हेलंग से माणा पास तक बीआरओ के अंडर में है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि हाईवे को खोलने का काम जारी है। जल्द ही बदरीनाथ धाम के लिए वाहनों की आवाजाही सुचारु कर ली जाएगी।


