नंदा मंदिर पठियालधार में गांव-गांव से पहुंचे देवताओं ने किया शक्ति प्रदर्शन, मां नंदा के जागरों से भक्तिमय हुआ माहौल–
गोपेश्वर: पठियालधार में मां नंदा के मंदिर में 22 साल बाद आयोजित हुए मां नंदापाती उत्सव में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। कई गांवों के श्रद्धालुगण इस उत्सव में शामिल हुए। मंदिर समिति की ओर से विभिन्न गांवों के देवताओं को आमंत्रित किया गया था, जिस पर मां नंदा के मंदिर में पहुंचे मां नंदा, चंडिका देवी, जाख देवता, दक्षिण काली, लाटू देवता और चांडी देवता के पश्वाओं ने कटार और तलवार के साथ नृत्य कर शक्ति प्रदर्शन किया। ढोल दमाऊं की थाप पर जब देव पश्वाओं ने अपने पेट में कटार चुभाई तो दर्शक भी नत्मस्तक हो गए। जय मां नंदा के जयकारों से संपूर्ण क्षेत्र नंदामय हो गया। कुजाऊं गांव के ज्ञान सिंह रावत और सौनी ने मां नंदा के जागर गाकर माहौल को भक्तिमय बनाया।
सुबह पांच बजे से नंदा मंदिर में विशेष पूजाएं शुरू हुई। मां नंदा की श्रृंगार पूजा के साथ ही शक्ति पूजा संपन्न हुई। इसके बाद देवर खडोरा, कुजों, गंगोलगांव, पाडुली, गोपेश्वर गांव, पपड़ियाणा, कोठियालगांव, चमनाऊं, ग्वीलों और कोठियणसैंण से देवताओं के अवतारी पुरुष ढोल दमाऊं की थाप पर मंदिर परिसर में पहुंचे। देवताओं ने अपने अवतारी पुरुष पर अवतरित होकर कटार और तलवार के साथ नृत्य कर शक्ति प्रदर्शन किया।
अपराह्न तीन बजे रुद्रनाथ क्षेत्र से ब्रह्मकमल लेकर पहुंची छंतोलियों ने मंदिर प्रांगण में प्रवेश किया। भक्तों को ब्रह्मकमल के फूल प्रसाद के रुप में वितरित किए गए। इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह झिंक्वाण, पुजारी दीपक बिष्ट, अशोक बिष्ट, विनोद कनवासी, संदीप झिंक्वाण, भेषज संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र असवाल आदि मौजूद रहे।


