पितर पक्ष: ब्रह्मकपाल तीर्थ में तर्पण करने से मिलता है पितरों को मोक्ष–

by | Sep 29, 2023 | चमोली, संस्कृति | 0 comments

बदरीनाथ धाम में ब्रह्मकपाल तीर्थ की महिमा के बारे में पढ़ें, गया से आठ गुना अ​धिक फलदाई तीर्थ है ब्रह्मकपाल, पांडवों ने भी किया था पितरों का तर्पण–

बदरीनाथ: पितृ पक्ष शुरू होते ही बदरीनाथ धाम के ब्रह्मकपाल में पितृ तर्पण के लिए तीर्थयात्री उमड़ने लगी है। पितृों की मुक्ति के लिए ब्रह्मकपाल में पिंडदान और तर्पण किया जाता है। स्कन्द पुराण के अनुसार इस पवित्र स्थान को गया से आठ गुना अधिक फलदाई पितृ कारक तीर्थ कहा गया है। यहां विधिपूर्वक पिंडदान करने से पितरों को नरक लोक से मोक्ष मिल जाता है।

शुक्रवार को पितृ पक्ष के शुभारंभ पर लोगों ने अपने घरों पर ही पितृों का तर्पण किया। पितृों के लिए समर्पित यह पक्ष भाद्रपद मास की पूर्णिमा से लेकर आश्विन मास की अमावस्या तक मनाया जाता है। कहते हैं कि श्राद्ध पक्ष में पितृ, पितृलोक से मृत्यु लोक में अपने वंशजों से सूक्ष्मरूप में मिलने आते हैं और हम उनके सम्मान में तर्पण, पिंडदान कर स्वागत-सत्कार करते हैं। इसके परिणामस्वरूप सभी पितृ अपनी पसंद का भोजन व सम्मान पाकर प्रसन्न व संतुष्ट होकर परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य, दीर्घायु, वंशवृद्धि व अनेक प्रकार के आशीर्वाद देकर पितृलोक लौट जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि पितृ दोष के कारण व्यक्ति के जीवन में सदैव परेशानी, संकट और जीवन में संघर्ष बने रहते हैं। इसलिए इस दोष का निवारण बहुत आवश्यक बताया गया है।

पितृों की मुक्ति के लिए बदरीनाथ धाम में अलकनंदा के किनारे स्थित ब्रह्मकपाल में पिंड दान किया जाता है। स्कन्द पुराण के अनुसार यहां विधिपूर्वक पिंडदान करने से पितरों को नरक लोक से मोक्ष मिल जाता है। साथ ही परिजनों को भी पितृदोष से मुक्ति मिल जाती है। इसीलिए ब्रह्मकपाल को पितरों की मोक्ष प्राप्ति का सर्वोच्च तीर्थ कहा गया है। ग्रंथों में उल्लेख है कि ब्रह्मकपाल में पिंडदान करने के बाद फिर कहीं पिंडदान की जरूरत नहीं रह जाती।

पुराणों के अनुसार ब्रह्माजी जब स्वयं के द्वारा उत्पन्न सरस्वती के सौंदर्य पर मोहित हो गए तो भोलेनाथ को भयंकर क्रोध आ गया और उन्होंने अपने त्रिशूल से ब्रह्माजी का पांचवां सिर धड़ से अलग कर दिया। ब्रह्मा का यह सिर शिव के त्रिशूल पर चिपक गया और उन्हें ब्रह्म हत्या का पाप भी लग गया। ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति के लिए भगवान शिव अनेक तीर्थ स्थलों पर गए,लेकिन उन्हें ब्रह्म हत्या के घोर पाप से मुक्ति नहीं मिली,निराश होकर वह अपने धाम कैलास लौटने लगे। इसी दौरान जब भोलेनाथ बद्रिकाश्रम के पास अलकनंदा नदी में स्नान करने के बाद,बद्रीनाथ धाम की ओर बढ़ रहे थे तो वहां से कुछ दूर पहले अचानक एक चमत्कार हुआ। ब्रह्माजी का पांचवां सिर उनके हाथ से वहीं गिर गया। जिस स्थान पर वह सिर गिरा,वही स्थान ब्रह्मकपाल कहलाया और इसी स्थान पर शंकरजी को ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति मिली।

श्रीमदभागवत महापुराण में उल्लेख है कि महाभारत के युद्ध में अपने ही बंधु-बांधवों की हत्या करने पर पांडवों को गोत्र हत्या का पाप लगा था। गोत्र हत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए स्वर्गारोहिणी यात्रा पर जाते हुए पांडवों ने ब्रह्मकपाल में ही अपने पितरों को तर्पण किया था। अलकनंदा नदी के तट पर ब्रह्माजी के सिर के आकार की शिला आज भी विद्यमान है। देश-विदेश के तीर्थयात्रियों के साथ ही स्थानीय लोग यहां पितृ तर्पण करने पहुंचते हैं।

Latest News

चमोली: मलारी में सेवा संकल्प शिविर, 268 ग्रामीणों को मिला योजनाओं का लाभ–

34 शिकायतों में 14 का मौके पर निस्तारण, 57 ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ-- गोपेश्वर। ‘सेवा संकल्प...

चमोली: गैरसैंण विधानसभा सत्र की तैयारियां समयबद्ध पूरी करने के निर्देश–

डीएम ने अधिकारियों को दिए व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश-- गोपेश्वर। आगामी प्रस्तावित...

चमोली: अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वरिष्ठजनों का सम्मान, स्वास्थ्य परीक्षण एवं सहायक उपकरण वितरित–

वृद्धजनों के सम्मान में आयोजित हुआ शिविर, 30 वरिष्ठ नागरिकों को मिले सहायक उपकरण-- गोपेश्वर, 01...

चमोली: ज्योतिर्मठ की बीडीसी बैठक में 300 से अधिक प्रस्तावों पर हुई चर्चा–

जनसमस्याओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश-- ज्योतिर्मठ। विकासखंड ज्योतिर्मठ के...

चमोली: हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा अंतिम चरण में पहुंची, 10 को बंद हो जाएंगे कपाट–

बढ़ने लगी श्रद्धालुओं की संख्या, इस साल 3.58 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे-- जोशीमठ, 01 अक्टूबर 2026:...

हक की लड़ाई: पैक्स सचिवों की कलमबंदहड़ताल शुरू, बांह में काली पट्टी बांधकर किया विरोध–

एम-पैक्स के पंजीकरण, मिनी बैंक ऋण व्यवस्था और पदोन्नति समेत छह सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन...

दुखद: 90 वर्ष की आयु में संतोष शर्मा का निधन, बीकेटीसी सदस्य महेंद्र शर्मा की माताजी थीं–

दिल्ली के बत्रा अस्पताल में ली अंतिम सांस, लोधी श्मशान घाट में हुआ अंतिम संस्कार; 10 अक्टूबर को...

विशेष अ​भियान: स्वच्छता अभियान में केंद्रीय भंडारगृह के कर्मचारियों ने किया श्रमदान–

आगापुर ओपन जिम परिसर में चलाया सफाई अभियान, सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने का दिया संदेश-- रामपुर...

चमोली: दशोली में सेवा संकल्प शिविर, 189 ग्रामीणों ने उठाया योजनाओं का लाभ–

16 शिकायतों का मौके पर निस्तारण, 184 लाभार्थियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से किया गया...
error: Content is protected !!