चमोली: जो बोले सो निहाल के जयकारों के साथ शीतकाल के लिए बंद हुए हेमकुंड साहिब के कपाट–

by | Oct 11, 2023 | चमोली, संस्कृति | 0 comments

बैंड की मधुर धुन और पंच प्यारों की अगुवाई में हुए कपाट बंद, 2500 श्रद्धालु कपाट बंद हाेने पर पहुंचे हेमकुंड साहिब–

जोशीमठ: सात ​शिखरों के ​स्थित पवित्र हेमकुंड साहिब के कपाट बुधवार को विधि-विधान से शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। दोपहर में साढ़े बारह बजे अंतिम अरदास पढ़ी जाने के बाद गुरुद्वारे से पवित्र गुरुग्रंथ साहिब को पंचप्यारों की अगुवाई में सुखासन में स्थापित किया। इसके बाद बैंड धुनों के साथ अपराह्न डेढ़ बजे हेमकुंड साहिब के कपाट बंद हुए।

कपाट बंद होने के मौके पर करीब 2500 तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब पहुंचे हुए थे। तीर्थयात्रियों के जो बोले सो निहाल के जयकारे से हेमकुंड साहिब गुंजायमान हो उठा। इस वर्ष दो लाख 4 हजार तीर्थयात्रियों ने हेमकुंड साहिब में मत्था टेका।

सुबह करीब छह बजे से ही घांघरिया से संगतों ने हेमकुंड साहिब के ​लिए प्रस्थान किया। सुबह ठीक दस बजे सुखमणि साहिब का पाठ शुरू हुआ। ज्ञानी कुलवंत सिंह की अगुवाई में करीब सुखमणि पाठी में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया। दोपहर में 12 बजकर 10 मिनट पर मुख्य ग्रंथी भाई मिलाप सिंह द्वारा अरदास की गई। इसके बाद रागी जत्था भाई गुरुप्रीत सिंह, प्रताप सिंह व साथियों द्वारा गुरुवाणी कीर्तन कर वहां मौजूद श्रद्धालुओं को निहाल कर दिया।

गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि इस वर्ष 262352 तीर्थयात्रियों ने यात्रा के लिए पंजीकरण करवाया था, जिसमें से 2 लाख 4 हजार तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब में मत्था टेकने पहुंचे। इस मौके पर गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह भी मौजूद रहे।

error: Content is protected !!