आस्था: छह माह ननिहाल में रहने के बाद अपने मायका पहुंची मां नंदा राजराजेश्वरी–

by | Jan 11, 2024 | आस्था, चमोली | 0 comments

नंदा लोकजात यात्रा संपन्न होने के बाद देवराड़ा गांव में प्रवास के लिए चले गई थी मां नंदा–

नंदानगर: अपने ननिहाल में छह माह तक प्रवास करने के बाद मां नंदा राजराजेश्वरी की डोली बृहस्पतिवार को अपने मायके सेंती गांव पहुंच गई है। इस दौरान मां नंदा का भक्तों और ​​धिया​णियों ने फूल मालाओं से स्वागत किया। अपनी आराध्य देवी के दर्शनों को ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही।

बीते अगस्त माह में मां नंदा की डोली लोकजात के लिए अपने ससुराल कैलाश के लिए विदा हुई थी। नंदा सप्तमी के दिन वेदनी में जात की पूजा के बाद मां की डोली छह माह प्रवास के लिए देवराड़ा गांव पहुंची। देवराड़ा को मां का ननिहाल कहा जाता है। बीते 22 दिसंबर को नंदा देवी की डोली ने देवराड़ा स्थित मंदिर से कुरुड़ के लिए प्रस्थान किया। 21 पड़ावों को पार करते हुए नंदा की डोली बृहस्पतिवार को बांजबगड़ गांव में आदिश​क्ति मुंडा माई के मंदिर में पहुंची। कुछ देर यहां विश्राम करने के बाद डोली रात्रि प्रवास के लिए सेंती गांव पहुंची।

दोपहर को नंदानगर के बांजबगड़ में प्रवेश किया। यहां आदिशक्ति मुंडा माई के मंदिर में कुछ देर विश्राम के बाद देर शाम को सेती गांव के लक्ष्मी नारायण मंदिर में रात्रि विश्राम के लिए पहुंच गई। शुक्रवार सुबह ग्रामीण ढोल दमाऊ के साथ नंदा की डोली को नंदानगर के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर से होते हुए मायके सिद्धपीठ कुरुड़ पहुंचाएंगे। जहां हवन, पूजा आदि के बाद मां की मूर्ति को गर्भगृह में विराजमान कर दिया जाएगा। नंदा देवी राजराजेश्वरी डोली के अध्यक्ष नरेश गौड़ ने बताया कि मा नंदा के मायके से आने के पड़ावों में भक्तों ने पूजा अर्चना की और मंगलकामनाओं की मांग की। डोली के साथ नंदा पुजारी भी साथ चल रहे हैं।

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