स्थानीय लोगों ने भी दो किलोमीटर तक चट्टान से होकर की पैदल आवाजाही, यात्रियों ने बिस्कुट और पानी पीकर बिताया दिन–
जोशीमठ में मंगलवार को चट्टान टूटने से दिनभर बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। हाईवे के दोनों ओर से यात्रा वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। हाईवे के शाम तक भी नहीं खुलने से पुलिस की ओर से यात्रियों को पीपलकोटी, हेलंग, पाखी, सेलंग और जोशीमठ में रोका गया है। हाईवे बाधित होने से जोशीमठ क्षेत्र में दिनभर संचार सेवा भी ठप पड़ी रही। कुछ अटूट आस्था वाले तीर्थयात्रियों ने हाईवे से करीब तीन किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर तीर्थयात्रा पर निकले।
बता दें कि मंगलवार को सुबह सात बजे हाईवे पर चट्टान टूटने से बड़े-बड़े बोल्डर आ गए। जिससे हाईवे पूरी तरह से ठप पड़ गया। हाईवे बंद होने की सूचना पर सीमा सड़क संगठन की दो पोकलेेंड मशीनें मौके पर पहुंची और हाईवे को खोलने का काम शुरू हुआ। दिनभर हाईवे को खोलने में मशीनें जुटी रही, लेकिन वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। हाईवे बंद होने से बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जा रहे श्रद्धालु बेहाल रहे।
श्रद्धालुओं ने पानी और बिस्कुट खाकर दिन बिताया। कुछ तीर्थयात्री पहाड़ी से होते हुए पैदल ही जोशीमठ पहुंचे। बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि हाईवे को खोलने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है, देर रात तक हाईवे को खोल दिया जाएगा। बुधवार से वाहनों की सुचारु आवाजाही हो जाएगी। बता दें कि
मंगलवार को सुबह सात बजे जोशीमठ के कूड़ा निस्तारण केंद्र के पास चट्टान से बोल्डर छिटककर हाईवे पर आ गया, जिस कारण हाईवे के दोनों ओर से वाहनों की लंबी लाइन लग गई। मशीनें हाईवे को खोलने में जुटी ही थी कि अचानक सुबह 11 बजे फिर से चट्टान का एक बड़ा हिस्सा टूटकर फिर हाईवे पर आ गया, जिससे हाईवे दिनभर नहीं खुल पाया।