दिल्ली में केदारनाथ प्रतीकात्मक स्वरुप निर्माण में सरकार का कोई योगदान नहीं: आशा नौटियाल

by | Jul 14, 2024 | मुद्दा, रूद्रप्रयाग | 0 comments

कहा केदारनाथ धाम सनातन धर्म के आस्था का प्रमुख केंद्र, किसी अन्य मंदिर से नहीं की जा सकती बाबा केदार की तुलना–

ऊखीमठ(रुद्रप्रयाग): केदारनाथ की पूर्व विधायक और भाजपा महिला मोर्चे की प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल ने कहा कि हिमालय में स्थित विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम सनातन धर्म के आस्था का प्रमुख केंद्र है, जो कि हमारे आराध्य देव हैं। यहां स्थित केदारनाथ धाम से किसी अन्य मंदिर की तुलना नहीं की जा सकती है। दिल्ली में किसी ट्रस्ट द्वारा बनाए जा रहे केदारनाथ मंदिर के प्रतीकात्मक स्वरूप व नाम में बदलाव कर अन्य स्वरूप का मंदिर निर्माण किया जाना चाहिए।

आशा नौटियाल ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे मंदिर निर्माण में सरकार का कोई भी योगदान नहीं है और न ही सरकार द्वारा किसी प्रकार का कोई सहयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री धार्मिक कार्यक्रम व जनप्रतिनिधियों एवं साधु संतों के आग्रह पर कार्यक्रम में सम्मिलित हुए थे, इसका मतलब यह नहीं कि सरकार इसे धाम के रूप में विकसित करना चाह रही है। इससे पूर्व 2015 में भी तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा भी मुंबई में बदरीनाथ के प्रतीकात्मक स्वरुप का शिलान्यास किया गया था।

उन्होंने आगे कहा कि हिमालय में स्थित केदारनाथ धाम से सभी सनातनियों की आस्था जुड़ी हुई है। नर और नारायण ऋषि की हजारों वर्षों की तप व साधना के फलस्वरूप भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए और केदारनाथ ज्योतिर्लिंग के स्वयंभू स्वरूप में विराजमान हुए। यहां स्थित केदारनाथ धाम से किसी अन्य मंदिर की तुलना किसी भी रूप में नहीं की जा सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण के अनेकों कार्य प्रगति पर हैं। केदारनाथ धाम में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। बाबा केदारनाथ से सभी देशवासियों की मंगलमय जीवन की कामना करती हूं।

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