चमोली। पितर पक्ष में हाट गांव में आवासीय भवनों के ध्वस्तीकरण से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को पूरी विधि विधान के साथ अलकनंदा के तट पर विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का निर्माण कर रही टीएचडीसी कंपनी का पिंडदान किया। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी और प्रशासन की बर्बरता पूर्ण कार्रवाई को ग्रामीण पूरी उम्रभर नहीं भूलेंगे। गांव में छोटे-छोटे मठ-मंदिरों को भी तोड़ा गया है। लिहाजा परियोजना कंपनी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ग्राम प्रधान राजेंद्र हटवाल, ज्येष्ठ प्रमुख पंकज हटवाल, गंगा बचाओ संघर्ष समिति के जिला संयोजक नरेंद्र पोखरियाल और नव युवक मंंगल दल अध्यक्ष अमित गैरोला ने कहा कि यह देवभूमि है। यहां कण-कर्ण में देवताओं का वास है। टीएचडीसी और प्रशासन की ओर से आम ग्रामीण तो दूर देवताओं के मंडलों को भी नहीं बख्सा है, तो इसका दंड तो कंपनी को भुगतना ही पड़ेगा। उन्होंने जिक्र किया कि नीती घाटी मे देवालयों को मुख्य स्थान से हटा दिया था। जबकि एक अन्य कंपनी की ओर से भी देवालयों से छेड़छाड़ की गई थी, इसका परिणाम यह हुआ कि सात फरवरी को चटख धूप खिली होने के बावजूद भी ग्लेशियर टूटने से एक परियोजना तो नेस्तनाबूत हो गई और दूसरी परियोजना को करोड़ों का नुकसान हो गया था। उन्होंने कहा कि भगवान के घर देर है पर अंधेर नहीं।
हाट गांव के ग्रामीणों ने टीएचडीसी और प्रशासन का किया पिंडदान, कहा-भगवान के घर देर है पर अंधेर नहीं–
by laxmi Purohit | Sep 27, 2021 | आंदोलन, चमोली | 0 comments

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