दिक्कत: बिरही-निजमुला सड़क हुई बा​धित, भूस्खलन से सड़क हुई तहस-नहस–

by | Aug 31, 2025 | चमोली, सड़क | 0 comments

निजमुला घाटी के गांवों के यातायात का एकमात्र साधन है बिरही-निजमुला सड़क, लोगों की आवाजाही रुकी–

गोपेश्वर, 31 अगस्त 2025: बिरही-निजमुला सड़क कई जगहों पर बा​धित हो गई है। सड़क जगह-जगह पर भूस्खलन के चलते बंद हो गई है। गाड़ी गांव से लेकर ईराणी गांव तक सड़क कई जगहों पर भूस्खलन के कारण बदहाल ​स्थिति में पहुंच गई है। भूस्खलन से सड़क खतरनाक ​स्थिति में पहुंच गई है। गाड़ी गांव की ग्राम प्रधान मंदोधरी देवी ने जिला प्रशासन से शीघ्र सड़क खोलने के लिए जेसीबी की व्यवस्था करने की मांग की हैै।

Latest News

चमोली: 63,347 एसआईआर नोटिसों का निस्तारण, अब अंतिम मतदाता सूची की तैयारी–

दावे-आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 28 सितंबर, तीन अक्तूबर को प्रकाशित होगी अंतिम सूची...

बदरीनाथ विधानसभा: चुनावी रण के लिए फिर गांवों की ओर भंडारी, बढ़ाई सियासी सक्रियता–

गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद, समस्याएं सुनकर निराकरण का दे रहे भरोसा; बदरीनाथ विधानसभा...

चमोली: गोपेश्वर में देवभूमि खेल चेतना यात्रा का हुआ आयोजन, उमड़ा उत्साह–

गोपीनाथ मंदिर से शुरू हुई यात्रा खेल स्टेडियम पहुंची, विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों ने किया प्रतिभाग...

चमोली: गंगोलगांव के नौ लोगों को जिला एवं सत्र न्यायालय ने दी राहत, सभी दोषमुक्त–

वर्ष 2022 में विधानसभा सामान्य निर्वाचन के दौरान गंगोलगांव क्षेत्र में हुई कथित घटना के संबंध में...

आस्था: टेड़ा-खंसाल की आराध्य देवी माता इंद्रामति देवी की डोली ने गोपेश्वर में दिए दर्शन–

भक्तों ने किए इंद्रामति माता की डोली के दर्शन, जगह-जगह हुआ मात की डोली का फूल-मालाओं से स्वागत...

चमाेली: नंदानगर के रामणी गांव में युवक-युवती फंदे पर लटके मिले–

रामलीला मंच के पीछे रेलिंग से लटके मिले शव, गांव में फैली सनसनी, पुलिस जांच में जुटी-- गोपेश्वर, 08...

जय मां नंंदा: टूटे रास्तों और उफनते गदेरों से होकर कैलाश की ओर बढ़ी मां नंदा की डोली–

कहीं पुलिया नहीं, कहीं खतरनाक पैदल रास्ते, मथकोट में बहन बालंपा देवी से हुआ मिलन, भावुक हुए...

चमोली: शिक्षक दिवस पर विद्यालय से नदारद शिक्षिका निलंबित–

अभिभावकों की शिकायत और उप शिक्षाधिकारी की आख्या पर डीईओ ने की कार्रवाई, ज्योतिर्मठ के उप...

चमोली: आठ हजार श्रद्धालु बने मां नंदा की बड़ी जात के साक्षी–

‘जा मेरी नंदा तै ऊंचा कैलाश’ के जयकारों के बीच तीनों डोलियों ने शुरू की कैलाश यात्रा, विदाई के समय...
error: Content is protected !!