उत्तराखंड: होली के लिए रंगों से सजे बाजार, पारंपरिक गुलाल के साथ हर्बल रंगों की बढ़ी डिमांड–

by | Feb 28, 2026 | देहरादून, संस्कृति | 0 comments

बाजारों में सजने लगी पिचकारी, रंग और गुलाल की दुकानें, बाजार में आई होली की नई नई पोशाक–

देहरादून, 28 फरवरी 2026: बाजारों में होली के रंग दिखने लगे हैं। रंगों से बाजार सजने लगे हैं। बाजार में पारंपरिक गुलाल के साथ ही हर्बल रंगों की डिमांड भी बढ़ गई है।

इस बार बाजार में नई वैरायटी की पिचकारियां आयी हैं। पिचकारियों में गननुमाऑटामेटिक पिचकारी, हथौड़ा, फरसा पिचकारी, रंग उड़ाने वाले पॉपर और रंगीन पटाखे आए हैं। रंग बिखेरने वाले सिलेंडर भी होल्यारों के मजे को दोगुना करेंगे। बात करें गोपेश्वर की तो, यहां होली का पर्व बढ़े धूमधाम से मनाया जाता है। गोपीनाथ मंदिर परिसर में जगह-जगह की होल्यारों की टोली पहुंचती है और दिनभर यहां होली के गीतों की धूम रहती है। दूर-दूर से लोग यहां होली खेलने पहुंचते हैं। श्रीनगर गढ़वाल, पौड़ी और टिहरी में पारंपरिक ढंग से होली का त्यौहार मनाया जाता है। यहां लोग समूह में होली के गीत गाते हैं।

बाजार में मिठाई, रंग-गुलाल और होली की पोशाक, पिचकारी की दुकानें सजने लगी हैं। साल की शुरुआत में होली सबसे बड़ा पर्व होता है। इस बार होली 3 मार्च को है।

हर वर्ष होली पर्व के सामान की दुकान लगाने वाले आयुष का कहना है कि उन्हें इस पर्व का इंतजार रहता है क्योंकि बड़े पैमने पर लोग खरीदारी करने निकलते हैं। वहीं लोगों में भी उत्साह दिखता है, क्योंकि बाजार में पिचकारियों की नई वैरायटी देखने को मिलती है। मिठाईयों से दुकानें सजी रहती हैं।

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