जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने की नगर पंचायत को पांच लाख, वार्डों को एक-एक लाख रुपये की घोषणा–
गोपेश्वर। अलकनंदा और नंदप्रयाग के पवित्र संगन पर स्थितनंदप्रयाग में दो दिवसीय पौराणिक एवं सांस्कृतिक मेले का भव्य शुभारंभ रंगारंग कार्यक्रमों और पारंपरिक पौणा नृत्य के साथ हुआ। लंबे अंतराल के बाद आयोजित इस मेले ने क्षेत्र में फिर से सांस्कृतिक उत्साह भर दिया है।
नंदप्रयाग इंटर कॉलेज के खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट और नगर पंचायत अध्यक्ष पृथ्वी सिंह रौतेला ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर उन्होंने मेले को क्षेत्रीय संस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रतीक बताते हुए इसके संरक्षण पर जोर दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने नगर पंचायत को पांच लाख रुपये तथा चारों वार्डों को एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
मेला अध्यक्ष पृथ्वी सिंह रौतेला ने बताया कि वर्ष 2016 के बाद विभिन्न कारणों से मेले का आयोजन नहीं हो सका था, लेकिन लगभग दस वर्ष बाद इसे पुनः भव्य स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
मेले में विभिन्न गांवों की महिला मंगल दलों और स्कूली छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक लोकगीतों और नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। नंदप्रयाग, भेरणी और सोनला की महिलाओं ने गढ़वाली संस्कृति से जुड़े गीतों “गंगा जी को देशा”, “मेरुगढ़देश हो”, “कखहरची होला रीति-रिवाज पुराना” और “जय नंदा, यु मासी को फूल” जैसे गीतों पर शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सांस्कृतिक संध्या के पहले दिन जागर गायिका पम्मी नवल ने अपने सुरों से माहौल को भक्तिमय और भावपूर्ण बना दिया।
इस मौके पर मेलाधिकारी/अधिशासी अधिकारी शिखर सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. सौरभ वैष्णव, उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी महावीर सिंह रावत, सभासद विनीता, श्याम मुनियाल, गीता डुंगरियाल, अनसूया उनियाल सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन वेद रयाल और दुर्गा रौतेला ने संयुक्त रूप से किया।


