सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी प्रसारित करने का आरोप, खुली बैठक में पारित किया निंदा प्रस्ताव
गोपेश्वर, 25 अगस्त 2026: सुतोल गांव में 19 साल की सुमित्रा के नंदाकिनी नदी में बहने की घटना के बाद मासिक धर्म संबंधी कथित सामाजिक रोक को लेकर उठे सवालों पर ग्राम पंचायत ने खुली बैठक कर स्थिति स्पष्ट की। ग्राम प्रधान उमा देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपप्रधान, महिला मंगल दल की अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
बता दें कि सुमित्रा 15 अगस्त को गांव से करीब ढाई किलोमीटर दूर नंदाकिनी नदी किनारे स्नान और कपड़े धोने गई थी। नदी का जलस्तर बढ़ा होने के दौरान वह स्नान करते समय बह गई। ग्रामीणों ने उसकी तलाश की और 21 अगस्त को उसका शव नदी किनारे कुछ दूरी पर बरामद हुआ। घटना के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा प्रसारित हुआ कि गांव में मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को घर के स्नानघरों और प्राकृतिक जलस्रोतों पर स्नान की अनुमति नहीं है, जिसके कारण युवती को नदी तक जाना पड़ा। ग्राम पंचायत ने खुली बैठक में इन दावों को सिरे से खारिज किया है।
ग्राम प्रधान ने कहा कि गांव में मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को घर के स्नानघरों, शौचालयों अथवा सार्वजनिक स्नानघरों में स्नान करने से रोकने का कोई नियम या परंपरा नहीं है। पंचायत के अनुसार गांव के अधिकांश घरों में निजी स्नानघर हैं और सार्वजनिक स्नान की भी पर्याप्त व्यवस्था है। ऐसे में सोशल मीडिया पर महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान घर से बाहर जाकर नदी में स्नान करने के लिए बाध्य किए जाने संबंधी दावे भ्रामक हैं।
पंचायत ने कहा कि सुमित्रा की मौत बेहद दुखद घटना है, लेकिन इसे ग्राम पंचायत के किसी नियम या परंपरा से जोड़ना उचित नहीं है। बैठक में बिना तथ्यों की पुष्टि के गांव के संबंध में जानकारी प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया और फेसबुक पेज संचालकों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसी सूचनाओं से गांव की सामाजिक प्रतिष्ठा और मान-मर्यादा प्रभावित हुई है।

