अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट क्लीमेंजारो को फतह के लिए हुआ यह आरक्षी रवाना–

by | Feb 18, 2022 | देहरादून, साहसिक खेल | 0 comments

एसडीआरएफ के सेनानायक मणिकांत मिश्रा ने आरक्षी को पुलिस प्रतीक चिन्ह देकर किया सम्मानित, पढ़ें, अभी तक कितनी चोटियां कर दी राजेंद्रनाथ ने फतह– 

देहरादूनः  एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय जॉलीग्रांट से आरक्षी राजेंद्रनाथ को अफ्रीका महाद्वीप के तंजानिया में स्थित सबसे ऊंची चोटी, माउंट क्लीमेंजारो (5895 मीटर) को फतह करने के लिए सेनानायक एसडीआरएफ मणिकांत मिश्रा द्वारा पुलिस प्रतीक चिन्ह देकर रवाना किया गया।

आरक्षी राजेन्द्र नाथ द्वारा पूर्व में भी अनेक कीर्तिमान हासिल किये गए हैं। उन्होंने विगत वर्षों में डीकेडी-2 (5670 मीटर), चंद्रभागा-13 (6264 मीटर), सतोपंथ(7075), माउंट त्रिशूल (7120 मीटर), यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुश (5642 मीटर) और माउंट गंगोत्री प्रथम (6675 मीटर) का सफलतापूर्वक आरोहण किया जा चुका है। 360 माउंट एक्सप्लोरर मुम्बई द्वारा 18 फरवरी से 28 फरवरी तक अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट क्लीमेंजारो (5895 मीटर) पर एक्सपीडिशन का आयोजन किया गया है।

आरक्षी राजेन्द्रनाथ द्वारा इसी एक्सपीडिशन के माध्यम से माउंट किलमन्जारो को फतह करने का प्रयास किया जाएगा। सेनानायक (एसडीआरएफ) मणिकांत मिश्रा द्वारा आरक्षी राजेन्द्रनाथ को उनके सफल पर्वतारोहण अभियान के लिए शुभकामनाएं देते हुए बताया कि पर्वतारोहण असीमित रोमांच, जोश, मनोरंजन तथा जोखिम से भरा साहसिक खेल है। राज्य आपदा प्रतिवादन बल के प्रत्येक सदस्य के लिए ऐसे साहसिक खेलों का विशेष महत्व है। इसलिए समय समय पर ऐसे साहसिक खेलों में प्रतिभाग करने हेतु कर्मियों को प्रोत्साहित किया जाता है।

आरक्षी के इस पर्वतारोहण अभियान के माध्यम से एसडीआरएफ में एक साहसिक वातावरण का निर्माण करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे अन्य जवान भी अभिप्रेरित होंगे और उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, जो निश्चय ही भविष्य में उच्च तुंगता रेस्क्यू के दौरान विषम परिस्थितियों में भय व अवरोधों का डटकर सामना करने का साहस प्रदान करेगा। 

फ्लैग ऑफ सेरेमनी में उपसेनानायक मिथिलेश कुमार, सहायक सेनानायक प्रकाश देवली, कमल सिंह पंवार, निरीक्षक राजीव रावत, अनुराग, सूबेदार मेजर जयपाल सिंह राणा, उप-निरीक्षक पूनम शाह, बलबीर राणा, विजय रयाल, सहायक उप- निरीक्षक आलोक चंद के साथ ही अन्य अधिकारी और कर्मचारियों ने आरक्षी राजेंद्रनाथ को शुभकामनाएं दी। रवाना होने से पूर्व आरक्षी राजेंद्रनाथ के जज्बे और जुनून की सभी ने प्रशंसा की। 

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