प्रभावित परिवार को 35 लाख रुपये मुआवजा और रोजगार देने की मांग की–
चमोलीः नीती घाटी के ग्रामीण कामकाज को छोड़कर पिछले तीन दिनों से आंदोलन की राह पर हैं। मामला यह है कि पांच मई को भापकुंड के समीप पुल से एक कंपनी का बोलेरो वाहन धौली गंगा में समा गया था। जिसमें चालक कोषा गांव का 22 वर्षीय संदीप सिंह लापता हो गया था। अभी तक भी युवक का कोई पता नहीं चल पाया है। ग्रामीण संदीप के परिवार को 35 लाख मुआवजा और रोजगार की मांग कर रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर ग्रामीण एक जून से कंपनी के रेवलीबगड़ में कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे हैं।
शुक्रवार को मौके पर बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी भी पहुंचे, जिससे कंपनी पर मुआवजा राशि शीघ्र देने का दबाव भी बढ़ गया है। कोषा गांव (हाल निवास पैनी) का 22 वर्षीय संदीप नीती घाटी में सड़क चौड़ीकरण कार्य कर रही ओएसिस कंपनी में वाहन चालक के पद पर कार्यरत था। पांच मई को संदीप कंपनी की बोलेरो से कंपनी के कार्यालय रेवलीबगड़ से जोशीमठ जा रहा था, लेेकिन भापकुंड के समीप वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर धौली गंगा में समा गया, तब से संदीप का कोई सुराग नहीं मिला है।
एक सप्ताह तक पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने नदी में सर्च अभियान चलाया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। नीती घाटी के ग्रामीणों ने ओएसिस कंपनी से संदीप के परिजनों को 35 लाख रुपया मुआवजा देने की मांग की, लेकिन अभी तक इस पर सहमति नहीं बन पाई है। ब्लॉक प्रमुख हरीश परमार, देवेंद्र पंवार, धर्मेंद्र सिंह पाल, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, वीर सिंह, शेर सिंह राणा, सुरेंद्र, दिनेश आदि का कहना है कि जब तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होती आंदोलन जारी रखा जाएगा और कंपनी का काम भी शुरू नहीं होने दिया जाएगा।


