चमोली। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बार-बार कहने और हाथ जोड़ने पर भी जब विभागीय अधिकारी बंद पड़ी सड़क और पैदल रास्ते को देखने नहीं पहुंचे तो ग्रामीणों ने शनिवार से स्वयं ही फावड़े, कुदाल लेकर रास्ते को श्रमदान से खोलना शुरू कर दिया है। पीपलकोटी के कम्यार गांव का यह मामला है। कम्यार गांव के ग्रामीणों का कहना है कि 12 मई को मूसलाधार बारिश के कारण गांव की कुछ दूरी पर ही भूस्खलन होने से पैदल रास्ता और सड़क बंद हो गई थी। जिससे गांव वालों को आवाजाही के लिए चार किलोमीटर की दूरी नापनी पड़ रही थी। गांव की ग्राम प्रधान सुमन नेगी ने लोक निर्माण विभाग को पैदल रास्ता और सड़क खोलने के लिए एक मांग पत्र सौंपा। अधिकारियों ने शीघ्र सड़क खोलने का आश्वासन भी दिया, लेकिन आज तक न तो पैदल रास्ता खुला और ना ही सड़क खुली। जिससे परेशान ग्रामीणों ने अब स्वयं ही रास्ता खोलने का निर्णय लिया है। शनिवार को गांव के सभी महिला, पुरूषों ने पैदल रास्ते को खोलने का काम शुरू कर दिया है। ग्रामीण मुकेश नेगी, प्रदीप सिंह नेगी, जगत सिंह, भगत सिंह, कुंदन, रूद्र सिंह, अनिल सिंह, लक्ष्मी प्रसाद, प्रमोद, सूरज, सुशीला देवी का कहना है कि अधिकारियों और नेताओं का जनता ने कोई लेना देना नहीं रह गया है। सड़क भी कमीशन की भेंट चढ़ गई है। क्षेत्रीय विधायक से भी समस्या बताई, लेकिन विधायक ने भी कोई दिलचस्पी नहीं ली। अब ग्रामीणों ने परेशान होकर खुद ही पैदल रास्ते को खोलने का काम शुरू कर दिया है। पूछे जाने पर लोनिवि के जेई अमीन सिंह रावत ने कहा कि रविवार को क्षेत्र में मजदूरों को ले जाकर पैदल रास्ते को खुलवाया जाएगा।
अधिकारियों ने नहीं सुनीं तो खुद ही कुदाल, फावड़े लेकर सड़क और पैदल रास्ता खोलने में जुट गए ग्रामीण–
by laxmi Purohit | Aug 7, 2021 | आपदा, चमोली | 0 comments

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