हेमा करासी और गजेंद्र राणा के नाम रही दशोलीगढ़ मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या–
मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम, पहली बार आयोजित हो रहे दशोलीगढ़ मेले में देखने को मिल रहा दर्शकों का उत्साह–
गोपेश्वर: सुरम्य पहाड़ियों और घने जंगल के बीच स्थित कोट-कंडारा गांव में आयोजित प्रथम दशोलीगढ़ पर्यावरण एवं सहकारिता विकास मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या लोक गायिका हेमा नेगी करासी और गायक गजेंद्र राणा के नाम रही। लोक कलाकारों के एक के बाद एक गीतों से दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
मेला प्रांगण में मुख्य अतिथि श्रीदेव सुमन विवि के पूर्व कुलपति डॉ. यूएस रावत ने कहा कि दशोली गढ़ 52 गढों में से प्रमुख गढ़ है। इस गढ़ के राजा पंवार वंश के थे। नंदा राजजात यात्रा में दशोली गढ़ की मां भगवती की डोली भी प्रमुख रुप से शामिल होती है। मेला अध्यक्ष महेंद्र सिंह रावत ने कहा कि क्षेत्र में पहली बार मेला आयोजित किया जा रहा है। आगामी वर्ष मेले को भव्य रुप दिया जाएगा। मेला आयोजन में प्रसिद्ध उद्योगपति सुधीर रावत का बढ़ा हाथ है। उनके अथक प्रयास से ही यह मेला आयोजित हो रहा है।
मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गायिका हेमा नेगी करासी और गायक गजेंद्र राणा ने एक के बाद एक गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी। हेमा करासी ने हे नंदा मां, तेरी जात लिजाैला.., जसीलीह्वे मां जय चंडिका भवानी.., भलुलगदू मेरु मुलुक.., मेरी बामणी.., कौरवों की सेना हो, गिर गेंदुवा.. आदि गीतों की प्रस्तुतियां दी। गजेंद्र राणा के पुष्पा छोरी पौड़ीखाले की गाने पर दर्शक अपनी जगह पर ही थिरकने लगे।
इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरिकृष्ण भट्ट, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी, सुधीर रावत, मेला अध्यक्ष महेंद्र सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह्र दिनेश रावत, तेजवीर कंडेरी, गीता रावत, उमेद सिंह कठैत, जगदीश रावत, विजेंद्र सिंह रावत, दिनेश आदि मौजूद रहे।


