उत्तराखंड बजट: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेश किया 1.11 लाख करोड़ से अधिक का बजट–

by | Mar 9, 2026 | चमोली, राजकाज | 0 comments

भराड़ीसैंण विधानसभा में पेश किया बजट, संतुलित वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता उत्तराखंड का बजट–

भराड़ीसैंण (चमोली), 09 मार्च 2026: उत्तराखंड में वित्तीय अनुशासन और विकास के संतुलन को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026–27 का बजट प्रस्तुत किया। लगभग ₹1,11,703.21 करोड़ के इस बजट में जहां विकास की गति को बढ़ाने पर जोर है, वहीं मजबूत राजकोषीय प्रबंधन की झलक भी स्पष्ट दिखाई देती है। वर्ष 2025-26 के सापेक्ष 10.41 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

राज्य सरकार ने बजट में वित्तीय जिम्मेदारी और पारदर्शिता बनाए रखते हुए एफआरबीएम अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया है। बजट के अनुसार राज्य में राजस्व आधिक्य (रेव्न्यू सरप्लस) की स्थिति बनी हुई है, जो दर्शाता है कि सरकार की आय उसके राजस्व व्यय से अधिक है। यह स्थिति किसी भी राज्य की मजबूत वित्तीय सेहत का संकेत मानी जाती है। बजट में 2536.33 करोड़ का राजस्व सरप्लस…

ज्ञान मॉडल से समग्र विकास का रोडमैप, गरीब-युवा-किसान-महिलाओं के सशक्तिकरण पर फोकस

समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य: सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प GYAN मॉडल के माध्यम से राज्य के समग्र विकास को आगे बढ़ाना है। इस मॉडल में गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी सशक्तिकरण को विकास के चार प्रमुख स्तंभ के रूप में रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उत्तराखंड को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। इसी दृष्टि से बजट में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।

गरीब कल्याण पर विशेष ध्यान

गरीब वर्ग के जीवन स्तर को सुधारने के लिए कई योजनाओं में बजट बढ़ाया गया है। अन्नपूर्ति योजना के लिए ₹1300 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए ₹298.35करोड़ और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए ₹56.12करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के आवास के लिए ₹25 करोड़, परिवहन निगम की बसों में निर्धारित श्रेणी के यात्रियों को निःशुल्क यात्रा सुविधा के लिए ₹42करोड़ तथा रसोई गैस पर अनुदान के लिए ₹43.03करोड़ रखे गए हैं।

साथ ही दिव्यांग, तीलूरौतेली और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए ₹167.05करोड़ तथा आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए ₹25करोड़ का प्रावधान किया गया है।

—-

युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास

प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी कई योजनाओं को मजबूती दी गई है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए ₹60 करोड़, पलायन रोकथाम योजना के लिए ₹10करोड़ और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए ₹62.29करोड़ का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा गैर सरकारी महाविद्यालयों को सहायता के लिए ₹155.38 करोड़, शिक्षा मित्रों के मानदेय के लिए ₹10करोड़ तथा मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के लिए ₹10करोड़ निर्धारित किए गए हैं।

——

किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कई योजनाओं को बजट में शामिल किया गया है। ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए ₹39.90 करोड़, मिशन एप्पल के लिए ₹42 करोड़, दुग्ध उत्पादकों के प्रोत्साहन के लिए ₹32करोड़ तथा दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लिए ₹42.50करोड़ का प्रावधान किया गया है।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए ₹160.13 करोड़, मिलेट मिशन के लिए ₹12करोड़ तथा किसान पेंशन योजना के लिए ₹12.06करोड़ भी निर्धारित किए गए हैं।

—–

महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता

महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं। नंदा गौरा योजना के लिए ₹220 करोड़, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए ₹47.78करोड़ और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए ₹30करोड़ का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना, महिला पोषण योजना, आंचल अमृत योजना और स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण जैसी योजनाओं के लिए भी बजट रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान मॉडल के माध्यम से गरीबों के उत्थान, युवाओं के सशक्तिकरण, किसानों की समृद्धि और महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी तथा उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

error: Content is protected !!