श्री बदरीनाथ वेद वेदांग स्नातकोत्तर संस्कृत महाविद्यालय जोशीमठ में होगा यह एतिहासिक कार्यक्रम–

by | Apr 30, 2022 | चमोली, संस्कृति | 0 comments

कार्यक्रम के लिए महाविद्यालय में होने लगी तैयारियां–

जोशीमठः सनातन संस्कृति अनूठी है, ऋषि-मुनियों की इस तपस्थली में आज भी हिंदू समाज में संस्कारों को सर्पोपरि माना जाता है. इसी के तहत श्री बदरीनाथ वेद वेदांग स्नातकोत्तर संस्कृत महाविद्यालय जोशीमठ (चमोली) में एतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. महाविद्यालय मे अध्ययन करने वाले 101 व बाहर से आने वाले अन्य 50 छात्रो का महाविद्यालय के द्वारा 6 मई 2022 को शंकराचार्य जयन्ती के उपलक्ष्य में यज्ञोपवीत संस्कार कराया जायेगा।

कार्यक्रम में पूज्यपाद 1008 स्वामी श्री अभिमुक्तेश्वरानंद जी महाराज द्वारा छात्रों को दीक्षा प्रदान की जाएगी,  इस कार्यक्रम के संयोजक डा. प्रदीप सेमवाल ने बताया कि 16 संस्कारों में से एक उपनयन यज्ञोपवीत संस्कार दशम संस्कार है। मनुष्य जीवन के लिए यह संस्कार विशेष महत्त्वपूर्ण है। इस संस्कार के अनन्तर ही बालक के जीवन में भौतिक तथा आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। इस संस्कार के होने के बाद छात्र का वेदारम्भ-हो जाता हे । इसी को यज्ञोपवीत-संस्कार भी कहते हैं।

इस संस्कार में वटुक को गायत्री मंत्र की दीक्षा दी जाती है और यज्ञोपवीत धारण कराया जाता है। जिसके बाद बटुक बालक वेद पढने का अधिकारी हो जाता है।  उपनयन एक संस्कार है जो उसके लिए किया जाता है, जो विद्या सीखना चाहता है; “यह ऐसा संस्कार है जो विद्या सीखने वाले को गायत्री मन्त्र सिखाकर किया जाता है।” स्पष्ट है, उपनयन प्रमुखतया गायत्री-उपदेश (पवित्र गायत्री मन्त्र का उपदेश) है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य द्रवेश्वर प्रसाद थपलियाल प्रधानाचार्य अरविन्द प्रकाश पन्त जी आचार्य वाणी विलास डिमरी  जगदीश चन्द्र जोशी देवी प्रसाद भट्ट गोरसिंह खत्री प्रदीप पुरोहित दाताराम इत्यादि लोग उपस्थित रहेंगे.

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